मेलबर्न : गत 29 दिसंबर को यहां नृशंस हमले का शिकार हुए 20 वर्षीय भारतीय छात्र की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है लेकिन उस पर इलाज का सही असर हो रहा है. पीड़ित के भाई ने यह जानकारी दी है.
रविवार को तड़के करीब 4.15 बजे :स्थानीय समयानुसार: मनराजविन्दर सिंह अपने दो दोस्तों के साथ प्रिसेंज ब्रिज के पूर्व में स्थित एक फुटपाथ के पास खड़ा था तभी अफ्रीकी रंगरुप वाले आठ पुरुष और एक महिला उसके पास आए.
पुलिस ने अपने एक बयान में बताया कि गिरोह ने तीनों पर हमला किया और उनके मोबाइल फोन छीनकर भाग गए.सिंह यहां के क्रैंबिज कॉलेज में अकाउंट का छात्र है. उसे एल्फ्रेड अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसे आईसीयू में रखा गया है. इससे पहले सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से उसका एक ऑपरेशन किया गया था.पीड़ित के भाई यादविंदर सिंह ने कहा कि उसका भाई अब भी कोमा में है लेकिन उसपर इलाज का असर हो रहा है.उसने कहा, ‘‘वह खतरे से बाहर नहीं है लेकिन उसपर दवाओं का असर दिखाई दे रहा है.’’
सिंह ने कहा, ‘‘हालांकि अब मुख्य चिंता मेरे भाई की हालत बेहतर होने की है.’’मामले की जांच चल रही है और विक्टोरिया पुलिस ने तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है.साईडनहम के रहने वाले एक 17 वर्षीय लड़के पर इरादतन गंभीर चोट पहुंचाने, लूटपाट करने और चोरी का आरोप लगाया गया है. उसे अदालत ने हिरासत में भेज दिया. आज एक बाल न्यायालय में उसकी पेशी होगी.
इससे पहले सेंट एल्बंस के रहने वाले 16 साल के एक लड़के पर गंभीर हमला करने का आरोप लगाया गया और उसे हिरासत में भेज दिया गया. हालांकि इस मामले में गिरफ्तार किए गए 15 वर्षीय तीसरे लड़के को रिहा कर दिया गया.
मेलबर्न स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी सिंह के परिवार के साथ लगातार संपर्क में है.भारतीय वाणिज्य दूतावास के एक अधिकारी निर्मल चौधरी पीड़ित से मिलने अस्पताल गए थे. उन्होंने कहा, ‘‘हम सिंह के परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं और हर संभव सहयोग दे रहे हैं.’’वाणिज्य दूतावास भारत में सिंह के परिवार की वीजा प्रक्रिया को तेज करने के लिए उनकी मदद कर रहा है.
