वाशिंगटन: जाता हुआ साल दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रिश्तों में आए गतिरोध के लिए याद रखा जाएगा जिनमें एक विवाद अमेरिका में भारत की एक राजनयिक की गिरफ्तारी और उनके साथ बदसलूकी से जुड़ा है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ इसी साल सफल मुलाकात की थी और उपराष्ट्रपति जो बायडेन ने भारत का दुर्लभ दौरा किया लेकिन द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव साल भर देखा गया जिनमें खासतौर पर भारत के परमाणु जवाबदेही कानून को लेकर उठे मतभेद प्रमुख थे.200 से अधिक अमेरिकी सांसदों ने इसी साल भारत की आर्थिक नीतियों के खिलाफ अभूतपूर्व तरीके से गुस्सा जाहिर किया.
हालांकि साल के समाप्त होते होते देवयानी खोबरागड़े की गिरफ्तारी का मामला सामने आया. वीजा धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ्तार की गयीं उप महावाणिज्यदूत देवयानी की गिरफ्तारी के संबंध में अमेरिका ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करके उनके कानून का पालन किया जा रहा है. भारत ने भी जवाबी कार्रवाई में नयी दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों के विशेषाधिकार वापस लेने समेत कई कदम उठाये.
