2014 में अमेरिका में पाक के नये राजदूत निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका

इस्लामाबाद: अमेरिका में पाकिस्तान के नये राजदूत एवं पूर्व विदेश सचिव जलील जिलानी के बारे में उम्मीद है कि वह अफगानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी से पहले द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.जिलानी अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं और उम्मीद है कि वह क्रिसमस की छुट्टियों के बाद […]

इस्लामाबाद: अमेरिका में पाकिस्तान के नये राजदूत एवं पूर्व विदेश सचिव जलील जिलानी के बारे में उम्मीद है कि वह अफगानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी से पहले द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.जिलानी अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं और उम्मीद है कि वह क्रिसमस की छुट्टियों के बाद अपना पदभार संभालेंगे. वह अशरफ जहांगीर काजी के बाद वाशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास का नेतृत्व करने वाले पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो पेशे से राजनयिक है.

जिलानी के पूर्ववर्तियों में दो सेवानिवृत्त जनरल जहांगीर करामात और महमूद अली दुर्रानी, दो पत्रकार हुसैन हक्कानी और शेरी रहमान शामिल हैं.अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में मई 2011 से ही तनाव है जब नेवी सील्स ने अबेटाबाद में अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था. सीआईए कांट्रैक्टर रेमंड डेविस द्वारा दो पाकिस्तानियों की हत्या और एक अमेरिकी हवाई हमले में 28 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने से दोनों देशों में और भी तनाव आया.

पाकिस्तान का दावा है कि भारत बलूचिस्तान में अशांति के लिए अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल कर रहा है. भारत इस आरोप का खंडन करता है. दूसरी ओर भारत पाकिस्तान की अफगानिस्तान में 2014 के बाद की भूमिका को लेकर चिंतित है. भारत की मुख्य तौर पर चिंता पाकिस्तान की सेना की हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों से संबंधों को लेकर है क्योंकि भारत को लगता है कि इससे पाकिस्तान को कश्मीर में जेहाद शुरु करने को गति मिल जाएगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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