नई दिल्ली : इंटरनेट के उपयोगकर्ता गूगल सर्च इंजन का उपयोग किए बिना नहीं रहते लेकिन किसी ने कल्पना नहीं की होगी कि चोरी छिपे आंकड़े जुटाने के कारण खुद गूगल पर ही 70 लाख डालर का जुर्माना लगा होगा. यह भी कल्पना से परे है कि ब्रिटेन के संग्रहालय में रखी 4,000 साल पुरानी मूर्ति खुद घूम जाए. लेकिन ऐसा हुआ है.
ऐसी ही कुछ दिलचस्प घटनाओं का ब्यौरा पेश है जिन्होंने यह कहने पर मजबूर कर दिया कि‘‘गजब….’’नक्शा बनाने की सेवा में निजी वाई.फाई हॉटस्पॉट से चोरी.छिपे आंकड़े एकत्र करने के लिए गूगल पर अमेरिका में70लाख डालर का जुर्माना लगाया गया और कंपनी यह जुर्माना भरने को राजी हो गई.कानूनी सुलह के तहत गूगल ने12मार्च को घोषणा की कि वह2008और2010के बीच अमेरिका में स्टरीट व्यूव व्हीकल द्वारा संग्रह किए गए ई.मेल,पासवर्ड,वेब इतिहास एवं अन्य आंकड़ों को नष्ट कर देगी.
ब्रिटेन के मैनचेस्टर संग्रहालय में4,000साल पुरानी मिस्र की एक मूर्ति ने यहां के संरक्षकों को चौंकने पर मजबूर कर दिया है.साल के मध्य में प्रतिमा खुद ही180अंश पर घूमने लगी और खबरों का हिस्सा बन गयी.1800ईसापूर्व के समय की10इंच लंबी मूर्ति एक ममी की कब्र में मिली थी और यह मैनचेस्टर संग्रहालय में80साल तक रही. साल के मध्य में संग्रहालय के क्यूरेटरों ने मूर्ति का कोण बदलते हुए देखा.
यरुशलम में एक बाहरी अरब गांव में एक रेस्तरां मालिक ने खानपान की संस्कृति बचाए रखने के लिए एक अनोखी पेशकश कीसेलफोन स्विच ऑफ करने पर 50 फीसदी डिस्काउंट मिलेगा.’’जावदत इब्राहिम का कहना है कि स्मार्टफोन की वजह से आधुनिक खानपान का अनुभव प्रभावित हो रहा है. उन्होने उम्मीद जताई कि भारी डिस्काउंट की वजह से वह दौर लौटेगा जब लोग रेस्तरां में खाने के साथ साथ कुछ समय साथ बिताने जाते थे और खाने की तारीफ भी करते थे.
इब्राहिम के रेस्तरां का नाम भी अबू घोश ही है और यह 1993 में शुरु हुआ था.ब्रिटिश सोशल सर्विसेज ने काम के सिलसिले में ब्रिटेन आई एक गर्भवती इतालवी महिला का जबरन ऑपरेशन कर उसकी कोख से बच्ची बाहर निकाल ली थी.
अब यह बच्ची 15 माह की हो चुकी है और सोशल सर्विसेज ने इसे गोद देने वाले बच्चों की सूची में रखा है. बच्ची की मां उसे हासिल करने के लिए कानूनीसंडे टेलीग्राफ अखबार में 30 नवंबर को प्रकाशित खबर में महिला के वकीलों के हवाले से बताया गया है कि पूर्वी इंग्लैंड के एसेक्स में महिला को नशीला पदार्थ दे कर अधिकारियों ने ऑपरेशन के जरिये उसकी कोख से बच्ची को बाहर निकाल लिया.
अखबार के अनुसार, इन अधिकारियों का कहना है कि महिला मानसिक समस्या की शिकार थी और उन्होंने जो किया वह बच्ची की बेहतरी के लिए था.यह महिला वर्ष 2012 में लंदन के स्टैंस्टेड हवाईअड्डे पर दो सप्ताह के एक प्रशिक्षण कोर्स के लिए गई थी. वहीं उसे तेज दर्द हुआ. उसके परिजनों को लगा कि वह ‘‘बाइपोलर कंडीशन’’ :एक तरह की मानसिक समस्या: की दवा लेना भूल गई है.
अब महिला अपनी बच्ची को वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है. लेकिन उसे बताया गया कि बच्ची को गोद देने के लिए सूची में रखा जाएगा.
श्रीलंका ने म्यामां के संघर्षो को लेकर प्रकाशित मुख्य लेख से देश में धार्मिक भावनाएं आहत होने की आशंका के आधार पर अंतरराष्ट्रीय पत्रिका टाइम के जुलाई संस्करण को ही जब्त कर लिया.पत्रिका के एक जुलाई के अंक में शीर्षक लिखा है ‘‘ बौद्ध आतंकवाद का चेहरा’’ जिसमें म्यांमा के बौद्ध भिक्षु ए विराथू पर लेख प्रकाशित किया गया है जिन्होंने मुस्लिमों के विरुद्ध बौद्ध राष्ट्रीय आंदोलन की अगुवाई की थी.
