जोहानिसबर्ग : यहां बसे दक्षिण भारतीय समुदाय के लोगों ने रंगभेद-विरोध के प्रतीक दिवंगत नेल्सन मंडेला को श्रद्वांजलि दी है. मंडेला का अंतिम संस्कार 15 दिसंबर को होगा.मदीबा के नाम से लोकप्रिय इस महान नेता को हॉटन के उपनगर स्थित आवास पर कल श्रद्धांजलि अर्पित की गयी.
साउथ अफ्रीकन तमिल फेडरेशन :एसएटीएफ: के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अध्यक्ष क्रांति मूथुसामी ने किया. इसी आवास में मंडेला का बृहस्पतिवार की रात निधन हो गया था. उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने आए लोगों ने उनके आवास के बाहर एक विशाल बैनर लगाया. उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए उनकी तस्वीर के आगे एक बड़ा पुष्पचक्र रखा गया. साथ ही वहां बच्चों के संदेश, मोमबत्तियां और मंडेला की तस्वीरें भी लगायी गईं.
एफएटीएफ ने जब मंडेला को श्रद्धांजलि दी, उसके बाद करीब 200 मोटरसाइकिलों के एक काफिले ने मोटरसाइकिल सवार बिरादरी के तरफ से श्रद्धांजलि देने के लिए मंडेला के घर के पास से परेड निकाली. उसके बाद ये लोग लेनसिया नामक एक बड़े भारतीय शहर के रोज पार्क चले गये जहां पहले से ही लोगों की भीड़ थी.
मूथूसामी ने कहा ‘‘तमिलों ने आज बताया कि वह एकजुट हैं. हम मंदिरों में गए और वहां हमने दिये जला कर पूजा की. हमने समुदाय के लोगों से कहा है कि अगले रविवार को मदीबा का अंतिम संस्कार होने तक दिये लगातार जलाए जाएं.’’लेनसिया में हिन्दू धार्मिक संगठन इस्कॉन के श्रद्धालुओं ने अपने सालाना दो दिवसीय रथ महोत्सव को मंडेला के नाम समर्पित किया. इस महोत्सव के दौरान रथ खींच रहे श्रद्धालुओं ने हाथों में मंडेला के बैनर और उनकी तस्वीरें ली हुई थीं. भगवान कृष्ण के इस रथ के आगे भी मंडेला की तस्वीर लगाई गई थी. यह महोत्सव विभिन्न देशों में मनाया जाता है. लेकिन समझा जाता है कि कृष्ण के रथ के आगे किसी व्यक्ति की तस्वीर पहली बार लगाई गई है.
