जेल में मंडेला के साथ रहे चीबा ने कहा : मदीबा ने हमें माफ करना सिखाया

जोहानिसबर्ग : जेल के दिनों में रंगभेद विरोधी नेता नेल्सन मंडेला के साथ रहे इसु चीबा का कहना है कि रॉबिन द्वीप पर कैदियों के लिए मंडेला हमेशा प्रेरणा का स्नेत रहे. चीबा खुद में आए बदलाव का श्रेय मंडेला को देते हुए कहते हैं कि उनसे उन्हें अपने मकसद को भूले बिना गुस्से को […]

जोहानिसबर्ग : जेल के दिनों में रंगभेद विरोधी नेता नेल्सन मंडेला के साथ रहे इसु चीबा का कहना है कि रॉबिन द्वीप पर कैदियों के लिए मंडेला हमेशा प्रेरणा का स्नेत रहे. चीबा खुद में आए बदलाव का श्रेय मंडेला को देते हुए कहते हैं कि उनसे उन्हें अपने मकसद को भूले बिना गुस्से को त्याग कर माफ करने की प्रेरणा मिली.

मंडेला और अन्य राजनीतिक बंदियों के साथ में द्वीप पर 18 साल गुजारने वाले चीबा ने कहा, ‘‘मदीबा सिर्फ मेरे लिए ही नहीं बल्कि द्वीप के समस्त कैदियों के लिए सतत प्रेरणा, उत्साह का स्नेत रहे. जेल के हालात के बीच जब कभी हमारा उत्साह खत्म हुआ, उन्होंने हमारा उत्साह बढाया.’’ रंगभेद विरोधी मुहिम के प्रणोता के आत्मा की शांति के लिए सभी समुदाय और मजहब के लोगों ने कल गिरजाघर, मस्जिद और मंदिर में विशेष प्रार्थना की.

चीबा ने कहा, ‘‘मेरी उम्र उस समय करीब 30 साल थी जब मुङो रॉबिन द्वीप भेजा गया. उस समय मैं काफी आक्रोशित रहता था. रंगभेद करने वाले प्रशासन के सुरक्षा बल हमारे कई कॉमरेडों को प्रताड़ित करते थे. उनपर जुल्म ढाया जाता था. हत्या भी कर दी जाती थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुङो कुछ बेतुके विचार आते रहते थे कि अगर मैं जेल से जिंदा बाहर निकल जाउंगा तो क्या क्या करना है. लेकिन, मदीबा ने वाल्टर सिसूलू और अहमद खत्रदा के साथ हमें अपने लोगों को बिना भूले हुए इन सब चीजों को माफ करना सिखाया.’’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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