ढाका : बांग्लादेश की सत्ताधारी अवामी लीग नीत गठबंधन को आज उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके गठबंधन साझेदारों में एक सहयोगी दल ने आम चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की क्योंकि राजनीतिक हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है. पूर्व राष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद इरशाद ने कहा कि देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी और अवामी लीग की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी जतिया पार्टी पांच जनवरी को होने वाले चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी.
उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे’’ उन्होंने अपने इस चौंकाने वाले निर्णय के लिए ‘‘माहौल’’ की कमी को जिम्मेदार ठहराया. इरशाद ने कहा कि नामांकन पत्र दायर कर चुके उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव आयोग द्वारा नाम वापस लेने की आखिरी तिथि से पहले अपना नाम वापस लेने के लिए कहा गया है.उनकी यह घोषणा नामांकन की आखिरी तिथि के एक दिन बाद आयी है. उन्होंने ऐसा बीएनपी के नेतृत्व वाले 18 दलीय विपक्ष के रास्ते पर चलते हुए किया है. सत्ताधारी अवामी लीग और बांग्लादेशी नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के बीच चुनाव कराने की प्रणाली को लेकर टकराव चल रहा है. प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बहुदलीय पार्टी की अंतरिम सरकार गठित की है जबकि बीएनपी चाहती है कि चुनाव एक गैर दलीय अंतरिम सरकार के तहत कराये जाएं.
इस बीच चार और लोगों की मौत होने के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी संस्था का एक प्रतिनिधिमंडल स्थिति का आकलन करने और रिपोर्ट तैयार करने के लिए आंकड़ा जुटाने के लिए बांग्लादेश में है.
