इस्लामाबाद : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एकदिवसीय यात्रा पर आज काबुल के लिए रवाना हुए जहां वह अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ शांति प्रक्रिया मजबूत बनाने को लेकर बातचीत करेंगे.
शरीफ के गत मई में सत्ता में आने के बाद यह उनकी पहली अफगानिस्तान यात्रा होगी. इस दौरान शरीफ करजई और उच्च शांति परिषद के सदस्यों के साथ अफगानिस्तान से अमेरिका नीत गठबंधन बलों की वापसी के बाद द्विपक्षीय और शांति प्रक्रिया पर बातचीत करेंगे. उन्होंने रवानगी से पहले संवाददाताओं से कहा कि अफगानिस्तान में शांति पाकिस्तान की शीर्ष प्राथमिकता है और उसे प्राप्त करने के लिए सभी प्रयास किये जाएंगे.
शरीफ के साथ विदेश मामलों पर विशेष सहायक तारिक फातमी और अन्य अधिकारी भी गए हैं. उनके साथ नेशनल असेम्बली के सदस्य मोहम्मद खान अचकजई भी है.शरीफ की अफगानिस्तान यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अफगानिस्तान में महत्वपूर्ण राजनीतिक और सुरक्षा परिवर्तन होना है. इसमें आगामी चुनाव और नाटो बलों की वर्ष 2014 में वापसी शामिल है.
करजई अमेरिका के साथ उस सुरक्षा समझौते को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं जो कि उन अमेरिकी सैनिकों की भूमिका को लेकर है जो वर्ष 2014 में नाटो बलों की देश से वापसी के बाद भी अफगानिस्तान में ही रहेंगे.
अफगानिस्तान तालिबान के साथ जारी शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान को महत्वपूर्ण मानता है. शरीफ ने गत सप्ताह इस्लामाबाद में अफगान उच्च शांति परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी. शांति परिषद को उन तालिबान आतंकवादियों के साथ बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो वर्ष 2001 के बाद से अमेरिका नीत नाटो और अफगानिस्तानी बलों के साथ संघर्ष कर रहे हैं.
यद्यपि तालिबान ने अफगानिस्तानी सरकार के साथ बातचीत करने को सार्वजनिक तौर पर इनकार किया है तथा अफगानिस्तान सरकार को अमेरिकी कठपुतली करार दिया है. पाकिस्तान ने कहा है कि उसने हाल में तालिबान के पूर्व नम्बर दो कमांडर मुल्ला बरादर को रिहा किया है. पाकिस्तान ने इसके साथ ही गत सप्ताह कई और तालिबान कमांडरों को रिहा किया. शरीफ ने करजई के साथ आखिरी बार 29 अक्तूबर को लंदन में आयोजित त्रिपक्षीय सम्मेलन में मुलाकात की थी.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जारी एक बयान में कहा, दोनों नेता समान हित के मुद्दों पर गहन मशविरा करेंगे. इसमें क्षेत्र में उभरती स्थिति और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच सभी आयामों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाना और विस्तारित करना शामिल है. बयान में कहा गया है कि शरीफ अफगान उच्च शांति परिषद के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात करेंगे जिसका नेतृत्व उसके अध्यक्ष सलाउद्दीन रब्बानी करेंगे.
बयान में कहा गया है कि अफगानिस्तान में शांति पाकिस्तान के हित में है. शरीफ ने अपने विमान में इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंध मजबूत व्यार और आर्थिक साङोदारी पर टिका होना चाहिए. द्विपक्षी व्यापार में हाल के वर्षों में वृद्धि हुई है और यह 2012 में 2.44 अरब डालर का हो गया है. आगामी वर्षों में इसमें और वृद्धि होने की क्षमता है.
