ढाका: राजनीतिक हिंसा की ताजा घटनाओं में 19 लोगों के मारे जाने और आगामी चुनाव को लेकर छाई अनिश्चितता के बीच बांग्लादेश चुनाव आयोग ने आज कहा कि यदि राजनीतिक दलों के बीच सहमति होती है तो 5 जनवरी को होने वाला चुनाव टल सकता है.
चुनाव की तारीखों की समीक्षा हो सकने के बारे में पूछे जाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त काजी रकीबुद्दीन अहमद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि वे लोगों के हित में एक समझौते तक पहुंचते हैं तो हर चीज संभव है.’’ मंगलवार से 19 लोग मारे गए हैं. मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी :बीएनपी: और उसकी सहयोगी पार्टियों ने चुनाव कार्यक्रम को खारिज करने के बाद उस दिन राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरु किया था.
18 दलीय विपक्षी गठबंधन चाहता है कि चुनाव एक नये तटस्थ कार्यवाहक सरकार के तहत हो. उसका कहना है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली बहु दलीय अंतरिम सरकार के तहत विश्वसनीय चुनाव नहीं होंगे.हसीना ने आज अपनी अवामी लीग पार्टी की एक बैठक में कहा कि चुनाव समय पर होंगे और लोगों से लोकतांत्रिक प्रकिया जारी रखने के लिए मतदान करने की अपील की.
अहमद ने कहा कि चुनाव आयोग 5 जनवरी 2014 को चुनाव कराने की योजना पर आगे बढ़ेगा. उसने चुनाव के दौरान शांति कायम रखने में नागरिक प्रशासन की मदद के लिए सेना तैनात करने का भी फैसला किया है. उन्होंने कहा, ‘‘हमने सेना बुलाने की तारीख अभी तय नहीं की है लेकिन उन्हें किसी भी वक्त नियुक्त कर दिया जाएगा.’’
