इस्लामाबाद: कई सप्ताह से चली आ रही अटकलों पर विराम लगाते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आज लेफ्टिनेंट जनरल राहील शरीफ को पाकिस्तानी सेना का नया प्रमुख नियुक्त किया है और इसके साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल राशिद महमूद को ज्वाइंट चीफ आफ स्टाफ कमेटी का प्रमुख बनाया गया है. प्रधानमंत्री शरीफ ने दोनों कमांडरों के नामों की सिफारिश की थी जिन्हें राष्ट्रपति मैमून हुसैन ने अपनी मंजूरी दे दी. राष्ट्रपति ने दोनों लेफ्टिनेंट जनरलों को जनरल रैंक पर पदोन्नति दी है. लेफ्टिनेंट जनरल शरीफ 61 वर्षीय जनरल अशफाक परवेज कियानी का स्थान लेंगे जो छह साल तक सेना की कमान संभालने के बाद शुक्रवार को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं.
इससे पहले आज दिन में प्रधान मंत्री शरीफ ने चीफ आफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल महमूद और महानिरीक्षक प्रशिक्षण एवं आकलन लेफ्टिनेंट जनरल शरीफ के साथ अलग अलग मुलाकात की. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस दौरान व्यवसायिक मामलों के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर भी विचार किया गया.लेफ्टिनेंट शरीफ ने इससे पहले गुजरांवाला कोर के कमांडर, पाकिस्तान सैन्य अकादमी काकुल के कमांडर और जनरल आफिसर कमांडिंग लाहौर से भी मुलाकात की. लेफ्टिनेंट महमूद ने लाहौर के कोर कमांडर के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं और वह पूर्व राष्ट्रपति रफीक तरार के सैन्य सचिव भी रहे हैं.
महमूद बलोच रेजीमेंट के हैं और उन्होंने आईएसआई के उप महानिदेशक के तौर पर जनरल कयानी के मातहत काम किया है. दोनो जनरल को लेफ्टिनेंट जनरल हारुन इस्लाम पर तरजीह दी गई है, जो इस समय कयानी के बाद सबसे वरिष्ठ जनरल हैं और लोजिस्टिक्स स्टाफ के प्रमुख हैं. वह अप्रैल में सेवा निवृत्त होने वाले हैं.एक हैरान कर देने वाले घटनाक्रम में कयानी ने कार्य विस्तार की अटकलों को विराम देते हुए 6 अक्तूबर को एक बयान जारी कर कहा, ‘‘मेरा कार्यकाल 29 नवंबर 2013 को समाप्त हो रहा है और उस दिन मैं सेवानिवृत्त हो जाउंगा.’’ 29 नवंबर को पद हस्तांतरण समारोह की योजना बनाई गई है. शरीफ आज कयानी के लिए विदाई भोज दे रहे हैं.लेफ्टिनेंट जनरल शरीफ अपने शौर्य के लिए देश का प्रतिष्ठित निशान-ए-हैदर सम्मान हासिल करने वाले शब्बीर शरीफ के भाई हैं, जो 1971 में भारत के साथ युद्ध में मारे गए थे.
