वाशिंगटन : एशिया-प्रशांत क्षेत्र के संसाधनों में पुन:संतुलन लाने और ध्यान देने की ओबामा की रणनीति को पूरी तरह लागू करने का अमेरिका को जोर देते हुए पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने भारत जैसी नई शक्तियों के साथ सुरक्षा सहयोग और रक्षा व्यापार बढ़ाने के लिए अफसरशाही की बाधाओं को हटाने की अपील की.
उप रक्षामंत्री एश्टन कार्टर ने कल ‘21 वीं सदी के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व’ पर अमेरिकी नौसेना अकादमी में कहा, ‘‘हमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र में संसाधनों और ध्यान क्रेंद्रण में पुन:संतुलन लाने के लिए राष्ट्रपति की रणनीति को पूरी तरह लागू करना चाहिए.’’उन्होंने कहा कि एशिया में विश्व की 60 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है और प्रशांत से सटे देश विश्व की अर्थव्यवस्था में आधी हिस्सेदारी रखते हैं.
उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका अपने अधिकांश इतिहास में एक शांतिप्रिय देश रहा है और भविष्य में भी यह शांतिप्रिय बना रहेगा. एशिया-प्रशांत क्षेत्र द्वारा 60 से भी ज्यादा वर्षों तक शांति और स्थिरता का आनंद लिए जाने की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि बिना किसी औपचारिक सुरक्षा संरचना को बढ़ावा दिए, बिना नाटो के यह बात सत्य रही है, ताकि इतिहास के जख्म भर सकें.
