इस्लामाबाद : भारत ने आज पाकिस्तान की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए कहा कि दोनों देशों के लिए समय आ गया है कि वे एक दूसरे के साथ मिलकर काम करने के लिए ‘‘सूझबूझ और आत्मविश्वास’ दिखाएं क्योंकि दुनिया बदलाव की दिशा में बढ़ रही है. इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान को उसी गति से सहयोग देने का भी प्रस्ताव दिया, जिसपर वह सहज हो.
अफगानिस्तान के मुद्दे पर आयोजित मंत्री स्तरीय सम्मेलन ‘हार्ट ऑफ एशिया’ में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि आतंकवाद और चरमपंथ के बलों को ‘‘किसी भी नाम, रुप या स्वरुप में’ पनाहगाह या शरणस्थल न मिल पायें. उन्होंने कहा कि धमनियों में जमाव होने पर ‘हार्ट ऑफ एशिया’ काम नहीं कर सकता. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसे अफगानिस्तान की कल्पना करता है, जो व्यापार, परिवहन, उर्जा और संचार मार्गों से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण केंद्र हो उन्होंने कहा, ‘‘इस अवसर पर मैं पाकिस्तान की ओर भी हमारा हाथ बढ़ाना चाहूंगी.
समय आ गया है कि हम एक दूसरे के साथ काम करने के लिए सूझबूझ और आत्मविश्वास का प्रदर्शन करें और क्षेत्रीय व्यापार एवं सहयोग को मजबूत करें. पूरा विश्व इंतजार कर रहा है और बदलाव की जमीन तैयार कर रहा है. हम उन्हें निराश न करें.
इससे पहलेकॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि हम यह चाहते हैं कि अफगानिस्तान में शांति कायम हो. अगर यहां शांति होगी, तो पूरे क्षेत्र में शांति होगी.
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान का दुश्मन पाकिस्तान का भी दुश्मन है. आतंकवाद हम सबका दुश्मन है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यह चाहता है कि वह अपने सभी पड़ोसियों के साथ रिश्ते मजबूत करे. उन्होंने कहा कि शांति से क्षेत्र का विकास होगा और विकास से ही शांति होगी.उन्होंने कहा कि नये आतंकी संगठनों का उभार आतंकवाद के खिलाफ हमारे संकल्प को और मजबूत करता है.
