इस्लामाबाद : पाकिस्तान सरकार के शीर्ष विधि अधिकारी ने आज कहा कि पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह के आरोपों के समर्थन में पुख्ता सबूत हैं और उन्हें ‘सजा ए मौत’ या ‘उम्र कैद’ हो सकती है.
अटार्नी जनरल मुनीर मलिक ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 6 के तहत सेवानिवृत जनरल को सजा ए मौत या उम्र कैद का सामना करना पड़ सकता है. इसी अनुच्छेद में देशद्रोह के प्रावधानों का उल्लेख है. उन्होंने कहा कि मुशर्रफ के खिलाफ मामले में शीघ्र ही कोई फैसला आने की संभावना है. मलिक ने इस संभावना से भी इनकार नहीं किया है कि कार्यवाही के दौरान मुशर्रफ को फिर से गिरफ्तार किया जा सकता है. संघीय जांच एजेंसी उन्हें गिरफ्तार करेगी.
इससे जुड़े एक अन्य घटनाक्रम के तहत विधि सचिव जफरुल्ला खान ने बताया कि मुशर्रफ के खिलाफ मामले का सार मंजूरी के लिए राष्ट्रप्ति ममनून हुसैन को भेजा गया है. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने विशेष अदालत के लिए कल तीन न्यायाधीशों के नामों की मंजूरी दे दी. यह अदालत संविधान का उल्लंघन करने और 2007 में आपातकाल लागू करने को लेकर 70 वर्षीय मुशर्रफ के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई करेगी. यह पहला मौका है जब नागरिक प्रशासन ने एक सैन्य शासक के आपराधिक अभियोजन की मांग की है.
