लाहौर: किसानों के आंदोलन के चलते समझौता एक्सप्रेस रद्द किए जाने के कारण पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में लाहौर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास स्थित होटलों में तीन दिन बिताने के बाद कुल 86 भारतीय यात्री वाघा सीमा पैदल पार करके अपने घरों के लिए रवाना हुए हैं. करीब 200 लोग गत गुरुवार को समझौता एक्सप्रेस से भारत जा रहे थे . ट्रेन को वाघा सीमा पर भारतीय अधिकारियों ने किसानों के प्रदर्शनों के मद्देनजर संभावित सुरक्षा खतरों के चलते रोक दिया.
ट्रेन लाहौर रेलवे स्टेशन पर वापस लौटी और पाकिस्तानी अधिकारियों ने यात्रियों की स्टेशन और आसपास के होटलों में रुकने की व्यवस्था की.बहरहाल, पाकिस्तानी यात्री अपने अपने घर चले गए.इस बीच, समझौता एक्सप्रेस की रवानगी कल एक बार फिर इसी आधार पर रद्द कर दी गई. पाकिस्तान के रेलमंत्री साद रफीक ने कहा कि भारतीय यात्रियों को सडक मार्ग से उनके घर भेजा जाएगा.
रेलवे के एक प्रवक्ता के अनुसार, ‘‘जब भारतीय अधिकारियों ने किसानों के मुद्दे को लेकर कल एक बार फिर ट्रेन को अपने क्षेत्र में प्रवेश की इजाजत नहीं दी, हमारे पास उन्हें सडक मार्ग से वाघा भेजने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं था.’ अधिकारी ने बताया कि कुल 86 यात्रियों को लाहौर रेलवे स्टेशन से वाघा पहंुचाया गया जिसमें 25 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल थे. इन लोगों ने पैदल ही सीमा पार की.
तकरीबन 100 पाकिस्तानी यात्रियों ने इस निर्णय का विरोध किया है और मांग की कि रेलवे उनके लिए भी सडक मार्ग से भारत यात्रा का इंतजाम करे. विदेश मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज ने समझौता एक्सप्रेस ट्रेन को निलंबित किये जाने पर चिंता जतायी है और नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से कहा है कि वह भारतीय रेलवे स्टेशन पर फंसे पाकिस्तानी यात्रियों की मदद करे.
