Hegseth Warns Iran: अमेरिका ने ईरान पर अपना शिकंजा और कस दिया है. रक्षा मंत्री (Secretary of War) पीट हेगसेथ ने ऐलान किया है कि समुद्र में ईरान की घेराबंदी अब और बड़ी और मजबूत हो गई है. हेगसेथ के मुताबिक, अमेरिका का मकसद इस दबाव के जरिए ईरान को न्यूक्लियर समझौते के लिए राजी करना है. उन्होंने साफ कहा कि ईरान के पास एक अच्छा और समझदारी भरा समझौता करने का मौका है.
समुद्र में ‘आयरनक्लॉड’ घेराबंदी, चप्पे-चप्पे पर अमेरिकी नेवी का पहरा
पीट हेगसेथ के बयान के अनुसार, ओमान की खाड़ी से लेकर खुले समुद्र तक अमेरिका ने ‘आयरनक्लॉड’ घेराबंदी कर दी है. अमेरिकी नेवी उन सभी जहाजों को रोक रही है जो ईरान के हैं या वहां के बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं. हेगसेथ ने बताया कि अब तक 34 गैर-ईरानी जहाजों को जांच के बाद निकलने दिया गया है. आने वाले कुछ दिनों में एक दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर (युद्धपोत) भी इस घेराबंदी का हिस्सा बनेगा.
दो ईरानी ‘डार्क फ्लीट’ जहाज पकड़े गए
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने जानकारी दी है कि यह कार्रवाई अब केवल एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल हो चुकी है. इसी हफ्ते इंडो-पैसिफिक क्षेत्र (हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच के समुद्री हिस्से को ‘इंडो-पैसिफिक क्षेत्र’ कहते हैं, जो दुनिया के व्यापार और सुरक्षा के लिए सबसे खास रास्ता माना जाता है) में ईरान के दो ‘डार्क फ्लीट’ जहाजों को जब्त किया गया है. ये वो जहाज हैं जो नियमों को ताक पर रखकर तेल ले जाते हैं. हेगसेथ ने साफ कर दिया है कि जो जहाज घेराबंदी शुरू होने से पहले निकल गए थे, उन्हें भी ढूंढकर पकड़ा जा रहा है.
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अमेरिका से सीधी बातचीत की कोई योजना नहीं
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक डेलिगेशन के साथ पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ‘X’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि अराघची वहां के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर से मुलाकात करेंगे. बघेई ने साफ किया है कि पाकिस्तान में अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी मीटिंग का कोई प्लान नहीं है.
ईरान अपनी बात पाकिस्तान के जरिए ही पहुंचाएगा. एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के बाद ईरान के विदेश मंत्री अराघची ओमान और रूस के दौरे पर भी जाएंगे, ताकि क्षेत्र में शांति के लिए समर्थन जुटा सकें.
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