कराची: पाकिस्तान की दक्षिणपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने कई मतदान केंद्रों पर धांधली और कुप्रबंधन होने का दावा करते हुए नेशनल और प्रांतीय एसेंबलियों के चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है.
जमात ने कराची और हैदराबाद से अपने उम्मीदवारों को हटाने का फैसला किया है. पार्टी ने 13 मई को चुनाव में कथित धांधली के खिलाफ शांतिपूर्ण हड़ताल का भी ऐलान किया है.
पार्टी ने मतदान शुरु होने में विलंब की शिकायत भी की है. खबरों में कहा गया है कि यदि मतदान करने के लिए आने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा होगी तो पूरे देश में मतदान के खत्म होने के समय को बढ़ाया जा सकता है. जमात के नेता मुनव्वर ने शिकायत की है कि पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं को कई मतदान केंद्रों पर मतदान करने की इजाजत नहीं दी गई.हसन ने मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) पर आरोप लगाया है कि वह हिंसा और धांधली की घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल है.
उन्होंने कहा, ‘‘हमने चुनाव से पहले चेतावनी दी थी कि ऐसा होगा. कराची और हैदराबाद में कई मतदान केंद्रों पर मतदान स्वतंत्र और पारदर्शी ढंग से नहीं हो रहा है.’’ उधर, एमक्यूएम ने भी कराची के कई मतदान केंद्रों पर धांधली और कुप्रबंधन का दावा किया है.एमक्यूएम के वरिष्ठ नेता डॉक्टर फारुक सत्तार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें आशंका है कि संवेदनशील इलाकों में करीब 119 मतदान केंद्र प्रभावित हुए हैं. बड़े पैमाने पर धांधली की आशंका है.’’
