दो दिन के बांग्लादेश दौरे के बाद वतन लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

* बांग्लादेश को 1000 मेगावाट बिजली देने की घोषणा *बांग्लादेश के साथ तीस्ता मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जल मुद्दों को मानवीय दृष्टिकोण से सुलझाये जाने की जरुरत है. मुझे विश्वास है कि हम ऐसा कर पायेंगे. ढाकाःप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय बांग्लादेश यात्रा संपन्न करके आज स्वदेश लौट आए और इस यात्रा […]

* बांग्लादेश को 1000 मेगावाट बिजली देने की घोषणा

*बांग्लादेश के साथ तीस्ता मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जल मुद्दों को मानवीय दृष्टिकोण से सुलझाये जाने की जरुरत है. मुझे विश्वास है कि हम ऐसा कर पायेंगे.

ढाकाःप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय बांग्लादेश यात्रा संपन्न करके आज स्वदेश लौट आए और इस यात्रा के दौरान ऐतिहासिक भू सीमा समझौते की पुष्टि के अतिरिक्त आपसी सहयोग को मजबूती प्रदान करने के लिए दोनों देशों ने 22 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली के लिए रवाना होने से कुछ ही देर पहले ट्वीट किया, ‘‘ धन्यवाद बांग्लादेश. यह यात्रा हमेशा मेरी यादों में रहेगी. इस यात्रा के नतीजे मजबूत साझेदारी की ओर जाएंगे.’’

भू सीमा समझौते का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ सबसे महत्वपूर्ण है कि हमने सफलतापूर्वक अतीत के लंबित मुद्दों पर विजय पायी और इससे हम हमारे संबंधों के लिए एक बेहतर भविष्य सृजित करने में सक्षम होंगे.’’

इससे पहलेनरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां बांग्लादेश के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन वहां लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हालांकि मेरा आज का दो दिवसीय दौरा अब समाप्त हो रहा है लेकिन मुझे लग रहा है कि मेरी यात्रा अब शुरु हो रही है. मोदी ने संबोधन के शुरुआत में बंगाली में लोगों से पूछा कि आप कैसे हैं?

उन्होंने अपने भव्य स्वागत के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मंत्रिगणों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह केवल नरेंद्र मोदी का स्वागत नहीं है बल्कि सवा सौ करोड जनता का स्वागत है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के इस ऐतिहासिक बातचीत और समझौते का पूरा विश्व पोस्टमार्टम करेगा. कोई तराजू लेकर तौलेगा कि हमने क्या खोया और क्या पाया. उन्होंने कहा कि दुनियां के लोग सोंचते हैं कि हम पास-पास हैं लेकिन उन्हें अब स्वीकार करना होगा कि हम पास-पास और साथ-साथ भी हैं.

उन्होंने भूमि सीमा समझौते पर कहा कि यह भूमि समझौता केवल भूमि की अदला-बदली का समझौता नहीं है बल्कि यह दो दिलों को जोडने का समझौता है. उन्होंने कहा कि दुनियां जमीन के लिए लडते-मरते हैं लेकिन हमने जमीन को ही संबंधों का सेतू बनाकर खडा कर दिया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से मेरा भावनात्मक लगाव भी रहा है. उन्होंने कहा कि जब मैं बांग्लादेश में हो रहे जुल्म के बारे में पढता था तो जिस तरह आपलोगों का खून खौलता था मेरा भी खून खौलता था. और मेरा सौभाग्य रहा कि बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए चल रहे सत्याग्रह में दिल्ली में मुझे भी शामिल होने का मौका मिला.उन्होंने बांग्लादेश सरकार द्वारा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को सम्मानित किये जाने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की.

उन्होंने स्पेस प्रोग्राम में सहयोग की भी बात कही. नकली नोट के बहाने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि नकली नोट कोई और फैलाता है और बदनामी बांग्लादेश की होती है. उन्होंने आतंकवाद के बारे में कहा कि आज आतंकवाद से पूरी दुनियां जूझ रही है लेकिन यूएन तक को आतंकवाद को खत्म करने का रास्ता नहीं मिल रहा है. आतंकवाद को उन्होंने मानवता का दुश्मन बताया.

उन्होंने कहा कि हमें विस्तारवाद नहीं विकासवाद की नीति चाहिए.उन्होंने बांग्लादेश को 1000 मेगावाट बिजली देने की घोषणा की.

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