इस्लामाबाद : पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने कहा है कि भारत को व्यापार के लिहाज से सबसे तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा देने का मामला फिलहाल विचाराधीन नहीं है. हालांकि, पाकिस्तान भारत एवं अन्य पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है.
डार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ दिनों पहले विश्वबैंक ने एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत को एमएफएन का दर्जा देने से पाकिस्तान को लाभ होगा. एक सरकारी टीवी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में डार ने कहा कि भारत को एमएफएन का दर्जा देने की फिलहाल कोई योजना नहीं है क्योंकि ‘‘हमें पहले देश के हितों का संरक्षण करना है.’’
इस बीच, एपीपी समाचार एजेंसी ने डार के हवाले से लिखा है कि पाकिस्तान भारत सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इसमें अर्थपूर्ण आर्थिक सहयोग एवं व्यापार विकास शामिल है. पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार के लिए एक नकारात्मक सूची आगे बढ़ाई है जिसे अधिकारी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानते हैं.
नकारात्मक सूची की समाप्ति से भारत को एमएफएन का दर्जा मिल जाएगा. पाकिस्तान नकारात्मक सूची की व्यवस्था खत्म करने की 31 दिसंबर की समय सीमा से पहले ही चूक चुका है. भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय व्यापार 2012.13 में 2.35 अरब डालर का रहा, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 1.93 अरब डालर का था. भारत काफी पहले ही पाकिस्तान को एमएफएन का दर्जा दे चुका है. नकारात्मक सूची व्यवस्था के तहत पाकिस्तान ने भारत से 1,200 वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी सामान के आयात की अनुमति दी है.
