काहिरा: मिस्र की सेना समर्थित सरकार कट्टरपंथी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड पर पाबंदी लगाने पर विचार कर रही है जिसके समर्थक अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को उनके पद पर बहाल करने की मांग कर रहे हैं. वहीं, पिछले चार दिनों से सड़कों पर हो रही झड़पों में 800 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. अंतरिम प्रधानमंत्री हजम बेबलावी ने ब्रदरहुड को कानूनी तौर पर भंग करने का एक प्रस्ताव पेश किया है.
ईजीवाई न्यूज साइट ने आज बताया कि मिस्र के पूर्व अंतरिम उप राष्ट्रपति मोहम्मद अलबरदेई ने अपना इस्तीफा मिस्र के अंतरिम राष्ट्रपति अदले मंसूर द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद एक विमान से आस्ट्रिया के लिए रवाना हुए हैं.इस बीच देश की कैबिनेट ने तीन जुलाई को सेना द्वारा पूर्व राष्ट्रपति मुर्सी को अपदस्थ किए जाने के बाद के हालात की समीक्षा की है.
बेबलावी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन लोगों से कोई सुलह सफाई नहीं, जिनके हाथ खून से सने हैं और जिन्होंने सरकार और उसके संस्थानों के खिलाफ हथियार उठाए.’’ बीबीसी के अनुसार ब्रदरहुड को भंग करने के उनके प्रस्ताव से मिस्र के नियंत्रण के लिए संषर्घ में दावेदारियां बढ़ गई हैं.अगर इस प्रस्ताव पर अमल किया गया तो इस ब्रदरहुड को भूमिगत होने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है और इसे धन मुहैया कराने वाले स्नेतों को निशाना बनाया जा सकता है.
