ढाका: बांग्लादेश में कड़े ईशनिंदा कानून की मांग कर रहे इस्लामी प्रदर्शनकारी आज राजधानी में पुलिस से भिड़ गये जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गये. इसके बाद अधिकारियों ने सार्वजनिक रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया.
नवगठित हिफाजत ए इस्लामी पार्टी ने अपनी 13 सूत्री मांगों को लागू करने के लिए आवामी लीग सरकार पर दबाव बनाने के लिए कल ‘ढाका की घेरेबंदी’ का कार्यक्रम चलाया था. उनकी मांगों में इस्लाम और पैगंबर का अपमान करने वालों को सजा देने के लिए ईशनिंदा कानून लागू करने की मांग शामिल है.बांग्लादेश की पुलिस और अर्धसैनिक सैनिकों ने कल रातभर राजधानी में हजारों इस्लामी प्रदर्शनकारियों को तितर बितर किया.
पुलिस ने पुष्टि की कि कल रात और आज सुबह झड़पों में अर्धसैनिक बल ‘बार्डर गार्ड बांग्लादेश’ (बीजीबी) के एक सैनिक और तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. इसके बाद ढाका महानगर पुलिस ने हिंसा फैलने के डर से सार्वजनिक रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया.
सरकारी ढाका मेडिकल कालेज अस्पताल के डाक्टरों ने कहा कि उनके शवगृह में 14 शव रखे गये हैं लेकिन अपुष्ट खबरों में कहा गया कि मरने वालों की संख्या 22 है क्योंकि कई शवों को निजी अस्पतालों में ले जाया गया है.
