मोदी को मिला ब्रिटेन आने का न्यौता

लंदन: ब्रिटिश सरकार की ओर से नरेंद्र मोदी के प्रति गर्मजोशी दिखाए जाने के करीब 10 महीने बाद यहां के दो प्रमुख राजनीतिक दलों के भारत संबंधित समूहों ने गुजरात के मुख्यमंत्री को ब्रिटेन का दौरा करने का न्यौता दिया है.मोदी को ब्रिटेन आमंत्रित करने के कदम की शुरुआत विपक्षी लेबर पार्टी की इकाई लेबर […]

लंदन: ब्रिटिश सरकार की ओर से नरेंद्र मोदी के प्रति गर्मजोशी दिखाए जाने के करीब 10 महीने बाद यहां के दो प्रमुख राजनीतिक दलों के भारत संबंधित समूहों ने गुजरात के मुख्यमंत्री को ब्रिटेन का दौरा करने का न्यौता दिया है.मोदी को ब्रिटेन आमंत्रित करने के कदम की शुरुआत विपक्षी लेबर पार्टी की इकाई लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया की ओर से पिछले सप्ताह उस वक्त की गई जब इसके अध्यक्ष एवं सांसद बैरी गार्डिनर ने मोदी को हाउस ऑफ कॉमन में आधुनिक भारत का भविष्य विषय पर संबोधन का न्यौता दिया.

ब्रेंट नॉर्थ क्षेत्र से लेबर सांसद गार्डिनर ने कहा, यह निमंत्रण लेबर पार्टी और नरेंद्र मोदी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के बीच के पिछले कई वर्षों के सपर्क की परिणति है. उन्होंने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि ब्रिटेन में लोग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी यहां नरेंद्र मोदी से मिलने तथा उन्हें सुनने में दिलचस्पी रखता है. वह एक ऐसे नेता हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. गार्डिनर ने कहा, मेरा मानना है कि यह ब्रिटेन के सबसे ज्यादा हित में है कि हम उनसे गुजरात के मुख्यमंत्री तथा संभावित प्रधानमंत्री के तौर पर संपर्क साधें.

लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया के पूर्व प्रमुख और सांसद स्टीफन पाउंड ने कहा, लेबर पार्टी में अपने कई सहयोगियों की तरह मैं भी मुख्यमंत्री मोदी का ब्रिटेन में स्वागत करने को उत्सुक हूं. मुझे साल 2009 में उनसे आखिरी बार गुजरात में मिलने का मौका मिला था. उनका ब्रिटेन का दौरा लंबे समय से लंबित है. विपक्षी पार्टी के साथ इस मामले पर एकजुटता प्रकट करते हुए कंजरवेटिव फ्रेंड्स ऑफ इंडिया ने भी बीते नौ अगस्त को भाजपा चुनाव अभियान समिति के प्रमुख मोदी को ब्रिटेन आने का न्यौता दिया.

इसके सह-अध्यक्ष तथा नॉर्थ वेस्ट कैंब्रिजशायर से कंजरवेटिव सांसद शैलेश वारा ने निमंत्रण पत्र में मोदी से मिलने की इच्छा प्रकट करते हुए कहा है, आपकी (मोदी) मेजबानी करना, हमारे के लिए बड़े सम्मान की बात होगी. मुङो पूरी उम्मीद है कि आप जब भी मौका मिलेगा इस निमंत्रण पर विचार करेंगे. साल 2002 के गुजरात दंगों के बाद अमेरिका की तरह ब्रिटेन की सरकार ने भी मोदी से दूरी बना ली थी.

भारतीय मूल के ब्रिटिश अर्थशास्त्री लॉर्ड मेघनाद देसाई और बैरी गार्डिनर की ओर से शुरु किए गए प्रयासों के तहत बीते कुछ वर्षों में ब्रिटेन और मोदी के लोगों के बीच कई मुलाकातें हुईं. कभी मोदी के आलोचक रहे लॉर्ड गुलाम नून ने भी मोदी को ब्रिटेन आमंत्रित किए जाने का स्वागत किया है. लॉर्ड नून ने कहा, मेरा मानना है कि यह सही कदम है और इसका यही सही वक्त है. भारत के 1.2 अरब लोग बदलाव चाहते हैं और वे इसके हकदार भी हैं. नरेंद्र मोदी एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनमें विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करने की पूरी प्रतिभा है.

गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है कि लेबर और कंजरवेटिव संसदीय समूहों की ओर से न्यौता मिला है. कार्यालय एक प्रवक्ता ने कहा, मोदी इन निमंत्रणों के लिए आभारी हैं, लेकिन अभी ब्रिटेन का दौरा करने की उनकी कोई योजना नहीं है. पिछले साल 22 अक्तूबर को भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त जेम्स बेवन ने मोदी से मुलाकात की थी. यह पहली बार था जब 2002 के दंगों के बाद ब्रिटेन की सरकार की तरफ से गुजरात के मुख्यमंत्री से संपर्क किया गया.

इस साल की शुरुआत में यूरोपीय संघ ने भी मोदी का एक दशक पुराना बहिष्कार खत्म किया. इसके प्रतिनिधियों और राजनयिकों ने नई दिल्ली में मोदी से मुलाकात की थी.

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