यमन को छोड़ कर पश्चिम एशियाई देशों में रविवार को फिर से खुलेंगे अमेरिकी दूतावास

वाशिंगटन : अमेरिका ने शुक्रवार को कहा कि वह इस सप्ताह बंद किए गए अपने सभी दूतावासों को अलकायदा की ओर से आसन्न खतरे का पुन:विश्लेषण करने के बाद फिर से खोलेगा. लेकिन यमन स्थित उसका दूतावास बंद रहेगा.विदेश मंत्रलय की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि वाशिंगटन ने पाकिस्तानी शहर लाहौर स्थित अपने वाणिज्य […]

वाशिंगटन : अमेरिका ने शुक्रवार को कहा कि वह इस सप्ताह बंद किए गए अपने सभी दूतावासों को अलकायदा की ओर से आसन्न खतरे का पुन:विश्लेषण करने के बाद फिर से खोलेगा. लेकिन यमन स्थित उसका दूतावास बंद रहेगा.विदेश मंत्रलय की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि वाशिंगटन ने पाकिस्तानी शहर लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावास से अपने कर्मचारियों को बृहस्पतिवार को बुला लिया है और यह वाणिज्य दूतावास भी बंद रहेगा.

अमेरिका ने अपने करीब दो दर्जन दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को खुफिया एजेंसियों द्वारा अलकायदा की कथित तौर पर बीच में ही सुनी गई बातचीत के आधार पर 4 अगस्त से बंद कर दिया था. इस बातचीत में एक बड़े हमले की साजिश का संकेत मिला था.अरब देशों और उप सहारा अफ्रीका के कुछ भागों में स्थित अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों को ओबामा प्रशासन ने बंद कर दिया था.

साकी ने कहा कि 19 में से 18 दूतावास और वाणिज्य दूतावास बंद किए गए थे जिन्हें रविवार को फिर से खोला जाएगा. रविवार को ज्यादातर मुस्लिम बहुल देशों में कामकाज होता है और छुट्टी नहीं रहती.साकी ने कहा ‘यमन के सना में स्थित हमारा दूतावास अरब प्राय:द्वीप में अलकायदा के आतंकवादी हमले की आशंका के चलते बंद रहेगा.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लाहौर में अलग खतरे के कारण अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को बंद किया गया था जो बंद रहेगा.साकी ने कहा कि सना और लाहौर में खतरे पर अमेरिका की लगातार नजर रहेगी. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इससे पहले शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि अमेरिका अलकायदा की स्थानीय शाखाओं से मुकाबले के लिए सहयोगी देशों की क्षमता बढ़ाने को प्रयासरत है.उन्होंने कहा था ‘पूरी तरह संगठित और अपेक्षाकृत अधिक केंद्रीकृत अलकायदा ने हम पर 11 सितंबर को हमला किया था लेकिन अब वह बिखर चुका है.

वह बहुत कमजोर हो गया है और उसके पास बहुत ज्यादा क्षमता नहीं है.बहरहाल, उन्होंने यह भी कहा कि अरब प्राय:द्वीप में अलकायदा का खतरा है और उसकी एक इकाई का यमन के कई भागों में नियंत्रण है.उन्होंने कहा था ‘हमारे पास एक्यूएपी जैसे क्षेत्रीय आतंकी संगठन भी हैं जो खतरा उत्पन्न करते हैं.

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