वाशिंगटन / सना : अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में जारी अशांति के बीच वहां स्थित अपने दूतावास बंद कर दिए हैं और वहां से अपने कर्मियों को हटा लिया है. यमन के अधिकांश हिस्से पर शिया विद्रोहियों का कब्जा होने के बाद वहां राजनीतिक संकट पैदा हो गया है और इससे अमेरिका तथा ब्रिटेन की सुरक्षा चिंताएं बढ गई हैं.
अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की कि उसने यमन में जारी राजनीतिक अस्थिरता तथा अनिश्चित सुरक्षा स्थिति के चलते सना स्थित अपने दूतावास में कामकाज निलंबित कर दिया है और अपने शेष कर्मियों को दूसरी जगह भेज दिया है.
बिगडती स्थिति के बीच पिछले कुछ हफ्तों से दूतावास न्यूनतम कर्मचारियों से ही संचालित हो रहा था. यमन में महीनों से संकट जारी है जहां ईरान से जुड़े शिया हूती विद्रोही राजधानी की घेराबंदी कर रहे हैं. इसके पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि दूतावास बंद होने से अलकायदा की यमन शाखा के खिलाफ आतंकवाद रोधी अभियानों पर कोई असर नहीं पडेगा.
यमन में खराब हो रही स्थिति के बीच ब्रिटेन ने भी वहां स्थित अपना दूतावास बंद कर दिया है और अपने सभी राजनयिक कर्मियों को निकाल लिया है. पश्चिम एशिया मामलों के ब्रिटेन के मंत्री टोबियस एलवुड ने आज एक बयान में कहा कि यमन की राजधानी सना में दूतावास के सभी कर्मियों ने आज सुबह दूतावास छोड दिया. बयान में यह भी कहा गया है कि ब्रिटेन के जो भी नागरिक वहां हैं, वे तत्काल यमन छोड दें.
