इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जल एवं उर्जा, पेट्रोलियम, वित्त और योजना आयोग जैसे मंत्रलयों की निगरानी खुद करने का फैसला किया है. यह निर्णय पेट्रोल की कमी जैसे संकट के मद्देनजर किया गया है, जिसके कारण पिछले कुछ महीनों में सरकार को कई बार असहज स्थिति का सामना करना पडा. डॉन अखबार की खबरों में कहा गया है कि शरीफ सरकार आम लोगों को पेश आ रही समस्याओं के मद्देनजर दबाव का सामना कर रही है और प्रधानमंत्री ने कल राजधानी के दो वाणिज्यिक क्षेत्रों का दौरा किया ताकि व्यक्गित रुप से उत्पादों की कीमतों को देख सकें.
समाचारपत्र ने कहा कि उन्होंने हाल में ईधन संकट और अक्सर बिजली में होने वाली कटौती के मद्देनजर जल एवं उर्जा, पेट्रोलियम, वित्त और योजना आयोग जैसे मंत्रलयों पर कडी नजर रखने का निर्णय किया है.एक सरकारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री का रविवार को अपने कार्यालय में काफी व्यस्त दिन गुजरा और उन्होंने कुछ स्थानीय बाजाराें का औचक निरीक्षण किया ताकि वह स्वयं देख सकेंकि क्या जमीनी स्तर पर तेल की कीमतों में वाकई कमी आई है ? शरीफ ने दोपहर को लम्बी बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विभिन्न महत्वपूर्ण संघीय मंत्रलयों के कामकाज पर नजर रखने के तरीकों पर विचार किया गया.
बयान के अनुसार, ‘‘ बैठक में यह तय हुआ कि महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कामकाज पर नजर रखने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में तत्काल मूल्यांकन, निगरानी एवं निष्पादन प्रकोष्ठ का गठन किया जाए.’’ बैठक के दौरान सरकार के सुधार एजेंडे पर भी शरीफ ने ध्यान दिया.
इस निगरानी प्रकोष्ठ की आगे होने वाली बैठक में सिविल सेवा सुधार एवं लोक विभागों की ओर से सेवा निष्पादन को बेहतर बनाये जाने से जुडे विषयों पर चर्चा हो सकती है.पाकिस्तान अभी ईधन की कमी की समस्या का सामना कर रहा है, जिसके कारण करीब तीन सप्ताह से देश ठप्प पड गया है.
