बेरुत : इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों ने दावा किया है कि उसके द्वारा बंधक बनायी गयी अमेरिकी महिला की उत्तरी सीरिया में जॉर्डन द्वारा किए गए हवाई हमले में मौत हो गई है. उधर जॉर्डन की सरकार ने इस बयान को खारिज करते हुए इसे ‘आपराधिक प्रचार’ करार दिया जबकि अमेरिका ने कहा है कि उसे रिपोर्ट की पुष्टि के लिए कोई सूबत नहीं मिले हैं.
महिला की पहचान अमेरिका की नागरिक कायला ज्यां मुलर के तौर पर हुई है और वह सीरिया में सहायता कार्य करने के लिए गई थी. हालांकि उग्रवादियों के दावे का स्वत्रंत सत्यापन नहीं हो पाया है. बयान उग्रवादियों द्वारा आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली वेबसाइट पर दिखा है और इसे इस्लामिक स्टेट से जुडे ट्वीटर उपयोगकर्ताओं ने भी साझा किया है.
इस बीच वॉशिंगटन से मिली खबर के मुताबिक 26 वर्षीय मुलर के माता पिता ने कहा कि वे उसके जीवित रहने को लेकर आशावान है. एनबीसी न्यूज ने एक बयान के हवाले से कहा है कि उसके माता पिता ने बंधक बनाने वालों से अपील की है कि वे उनकी बेटी की सुरक्षित रिहाई के लिए उनसे संपर्क करें.
मुलर एरिजोना के प्रेस्कॉट की रहने वाली हैं और आईएस द्वारा बंधक बनाई गईं अमेरिकी की अकेली ज्ञात बंधक हैं. अगर कल के हवाई हमलों में उनकी मौत की पुष्टि होती है तो वह चौथी अमेरिका की नागरिक होंगी जिनकी मौत आईएस के उग्रवादियों की कैद में हुई है. इससे पहले तीन अमेरिकी नागरिक- पत्रकार जेम्स फोले और स्टीवन सौटलोफ, तथा सहायता कार्यकर्ता पीटर कासिंग का सिर समूह ने कलम कर दिया था.
कल के बयान में कहा गया है कि मुलर की मौत उग्रवादियों के गढ उत्तरी सीरिया के रक्का में दोपहर की नमाज के दौरान हुई है. बयान में कहा गया है कि उस जगह एक घंटे से ज्यादा हवाई हमले होते रहे.
बेवसाइट पर कुछ फोटो डाले गए हैं, जिसमें कथित तौर पर एक तीन मंजिला इमारत को दिखाया गया है जो बमबारी की वजह से क्षतिग्रस्त हुई है, लेकिन मूलर की मौत का कोई सबूत या उसकी कोई तस्वीर नहीं है.
