वाशिंगटन : अमेरिका के एक रिपब्लिकन सांसद ने आरोप लगाया कि भारत में अल्पसंख्यकों पर हमलों में इजाफा हुआ है और आरोप लगाया कि पिछले साल नवंबर और दिसंबर में वहां ईसाई समुदाय पर हमले की 39 घटनाएं हुई हैं.
रिपब्लिकन सांसद जो पिट्स ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में इसी हफ्ते अपनी टिप्पणी में कहा, ‘मैं भारत में धार्मिक आजादी और बहुलवाद की स्थिति पर ध्यान आकर्षित करने के लिए उठ रहा हूं. बहुत ही परेशान करने वाले रुझान के तहत भारत के ऐतिहासिक बहुलवाद को असहिष्णुता, विभाजन और बहुसंख्यकवाद से बदला जा रहा है.’
पिट्स ने कहा, गैर सरकारी संगठनों की रिपोर्टों में नयी सरकार के पहले 100 दिन के दौरान अल्पसंख्यक ईसाई आबादी के खिलाफ हिंदू राष्ट्रवादियों के हमले में इजाफा दर्ज किया है. जारी रिपोर्टें भारत की उल्लेखनीय मुस्लिम आबादी समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का रुझान दिखा रही हैं. अमेरिकी सांसद ने ईवैंजेलिकल फेलोशिप ऑफ इंडिया के आंकडों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भारत में नवंबर-दिसंबर में ईसाई समुदाय को निशाना बनाने वाली 38 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई और उनमें से 31 घटनाएं अकेले दिसंबर में हुईं.
पिट्स ने कहा, चर्च जलाने, पादरियों की क्रूरतापूर्वक पिटाई, डराने-धमकाने और गिरफ्तारी ने भारतीय समाज में अजीब वातावरण पैदा कर दिया है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार आर्थिक सुधार शुरु कर रही है और उसे अल्पसंख्यकों की दुर्दशा नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए. अमेरिकी सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना और कार्रवाई करनी चाहिए.
पिट्स ने कहा कि ओबामा सरकार को उत्पीडित समुदाय की तरफ से सशक्त रुप से आवाज उठानी चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सामरिक संवाद में मानवाधिकार उन्नत होना चाहिए.
गौरतलब है कि भारत के 66वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत आये अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी देश में बढ़ रहे धार्मिक कट्टरवाद का अपने भाषण में जिक्र करते हुए कहा था कि भारत को इससे बचना चाहिए.
