वाशिंगटन : अमेरिका में रहने वाले सिखों की संख्या भले ही पांच लाख से ज्यादा है लेकिन एक हालिया सर्वेक्षण कहता है कि अधिकतर अमेरिकी सिख धर्म के बारे में नहीं जानते और अक्सर वह सिखों को मुस्लिम मान बैठते हैं. यह हालिया रिपोर्ट 9/11 के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति बढते घृणा अपराधों के बीच आई है.
‘अमेरिका में सिखधर्म : अमेरिकी क्या जानते हैं और उन्हें क्या जानने की जरुरत है’ नामक रिपोर्ट के अनुसार, कई अमेरिकी लोगों ने तो कभी इस धर्म के बारे में सुना तक नहीं है और सर्वेक्षण में शामिल सिर्फ 11 प्रतिशत अमेरिकी ऐसे हैं जिनकी जान-पहचान का कोई व्यक्ति या कोई दोस्त एक सिख है.
60 प्रतिशत अमेरिकियों ने यह माना कि वे सिख-अमेरिकियों के बारे में कुछ नहीं जानते और अमेरिका के अन्य अल्पसंख्यक धार्मिक समूहों की तुलना में उन्हें सिख धर्म के बारे में कम जानकारी है.
नेशनल सिख कैंपेन की ओर से हार्ट रिसर्च एसोसिएट्स द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, सिर्फ 40 प्रतिशत अमेरिकियों ने कहा कि वे सिख धर्म के बारे में कुछ न कुछ तो जानते ही हैं. वहीं 62, 76 और 86 प्रतिशत अमेरिकियों ने कहा कि वे क्रमश: हिंदू-अमेरिकियों, मुस्लिम-अमेरिकियों और यहूदी-अमेरिकियों के बारे में कुछ न कुछ जानते हैं.
रिपोर्ट में कहा गया कि जब इन्हें पगडी बांधे एक सिख पुरुष की तस्वीर दिखाई गई तो सिर्फ 11 प्रतिशत लोगों ने उसे सिख के रुप में पहचाना. बहुत से लोगों ने उसे मुस्लिम (20 प्रतिशत), हिंदू (13 प्रतिशत) और पश्चिम एशियाई (28 प्रतिशत) माना.
नेशनल सिख कैंपेन द्वारा करवाए गए अध्ययन का उद्देश्य सिखों के बारे में जागरुकता के प्रयासों को एक ऐसा आधार देने का है, जो कि उनके बार में मौजूद गलत धारणाओं को तोड़े. इन धारणाओं के चलते 9/11 हमलों के बाद से सिखों के खिलाफ घृणा आधारित हिंसा में नाटकीय ढंग से वृद्धि देखने को मिली है.
2001 में 11 सितंबर के हमलों के मद्देनजर सिखों ने यह पाया कि अमेरिकी उन्हें निशाना बना रहे हैं, जिनका मानना है कि कोई भी पगड़ीधारी निश्चित तौर पर मुस्लिम ही होगा.
अगस्त 2012 में एक श्वेत समर्थक और अमेरिकी सेना के दिग्गज ने ओक क्रीक के एक गुरुद्वारे में छह लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी थी और चार अन्य को घायल कर दिया था.
यह अध्ययन सिख-अमेरिकी समुदाय पर किया गया अब तक का सबसे समग्र अध्ययन है. एनएससी के सह-संस्थापक गुरविन सिंह आहूजा ने कहा, ‘यह ऐतिहासिक अध्ययन हमें अमेरिकियों को प्रभावी एवं जुड़ाव महसूस करवाने वाले तरीके से शिक्षित करने का अवसर देगा, जिससे सिख समुदाय को मदद मिलेगी. इससे हम यह भी देख सकते हैं कि कौन सी जनसंख्या हमारे संदेश के प्रति सबसे ज्यादा ग्राही है और गलतफहमियां दूर करने के लिए हमें सबसे ज्यादा किस समूह पर ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है.’
