तेहरान:पश्चिमी देशों के प्रतिबंध का सामाना कर रहे ईरान ने भारत को तेल उत्खनन क्षेत्र में नये अनुंबध के तहत उत्पादन में साङोदारी देने की आज पेशकश की. भारत ईरान का तीसरा सबसे बड़े तेल ग्राहक है और वह भारत को जोड़े रखना चाहता है.
अमेरिका तथा यूरोपीय संघ ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसके खिलाफ आर्थिक-व्यापारिक प्रतिबंध लगा रखे हैं जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पंगु हो रही है. यहां भारत-ईरान संयुक्त आयोग की बैठक के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अली अकबर सालेही ने विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से यह पेशकश की. बैठक में उर्जा सहयोग विषय पर चर्चा हुई.भारत ने पिछले पिछले वित्त वर्ष में ईरान से तेल आयात में 26.5 प्रतिशत कम कर दिया क्यों कि अमेरिका तथा यूरोपीय प्रतिबंध के कारण ईरान से तेल आयात में मुश्किल हो रही है.
परंपरागत रुप से ईरान विदेशी कंपनियों को केवल सेवा का ठेका ही देता रहा है. इसके तहत विदेशी कंपनियों को उनकी सेवाओं के लिए तय दर से भुगतान कर दिया जाता है. इसके इसके विपरीत उत्पादन साङोदारी अनुबंध के तहत दूसरे देश को उत्खनित और उत्पादित तेल क्षेत्र में मालिकाना हक मिलता है. इस तेल को विदेशी कंपनी अपनी इच्छा के मुताबिक कहीं भी ले जाने के लिये स्वतंत्र होगी.
