इंडोनेशिया में आज करीब एक हजार पुलिसकर्मी और सैनिक जेल तोड़कर भागे कैदियों को ढूंढ़ निकालने के काम में जुटे हैं.
जेल में कल पांच लोगों की जान लेने वाले दंगे के बीच कैदियों ने जेल में आग लगा दी जिसका फायदा उठाकर करीब 150 कैदी फरार हो गये.
सुमात्रा द्वीप के मेदान शहर स्थित जेल में बिजली और पानी की किल्लत से गुस्साए कैदियों ने कल दोपहर बाद तोड़फोड़ शुरु कर दी, आग लगा दी और सुरक्षा प्रहरियों पर बोतलें फेंकी.
तांजुग गुस्ता जेल आग से धूं-धूं कर जलने लगी और बहुत से दमकलकर्मी रातभर आग को बुझाने के काम में जुटे रहे.
घटना का फायदा उठाकर आतंकवाद के मामलों में दोषी साबित कैदियों सहित लगभग 150 कैदी फरार हो गये. इनमें से बहुत से कैदियों को फिर से पकड़ लिया गया है तथा अभी करीब 100 और कैदियों की तलाश की जा रही है.
इंडोनेशिया में आम तौर पर जेलों में दयनीय हालत में क्षमता से अधिक कैदी भरे होते हैं. तांजुंग गुस्ता जेल भी इससे अछूती नहीं है. इसकी क्षमता 1054 कैदियों की है, जबकि इसमें वर्तमान में कैदियों की संख्या दोगुना से ज्यादा है.
घटनास्थल पर मौजूद एक संवाददाता ने बताया कि कैदी अब नियंत्रित हो चुके हैं और वे अपनी कोठरियों से बाहर बातचीत कर रहे थे, जबकि भारी हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों ने जेल इमारत के ईदगिर्द घेरा डाल रखा है.
संवाददाता ने कहा कि कैदियों ने करीब दो दर्जन सैनिकों को अंदर आने दिया, लेकिन पुलिस को प्रवेश नहीं करने दिया.एक कैदी ने चिल्लाकर कहा, हम पुलिस को पसंद नहीं करते, वे अमानवीय हैं और अक्सर हमें पीटते हैं.
