वाशिंगटन : अमेरिका की चेतावनी को धता बताते हुए लातिन अमेरिका के दो देशों वेनेजुएला और निकारागुआ ने अमेरिकी खुफिया कार्यक्रमों को उजागर करने वाले एड्वर्ड स्नोडेन को ‘शरण’ देने का प्रस्ताव दिया है.
बीते एक सप्ताह से अधिक समय से मास्को हवाईअड्डे पर फंसे पड़े स्नोडेन ने भारत सहित दो दर्जन से अधिक देशों से शरण देने की मांग की थी.
वहीं अमेरिका ने जासूसी और गोपनीय सूचना लीक करने के मामले में स्नोडेन के वांछित होने का हवाला देते हुए उसे शरण नहीं देने के लिए सभी देशों को चेतावनी दी थी. भारत सहित ज्यादातर देशों ने स्नोडेन को शरण देने से इनकार कर दिया था.
हालांकि निकारागुआ और वेनेजुएला के राष्ट्रपति द्वारा की गई स्नोडेन को शरण देने की घोषणा को अमेरिका के लिए बड़े झटके के रुप में देखा जा रहा है, जो सभी देशों से स्नोडेन को शरण न देने और उसे अमेरिका वापस भेजने की मांग करता रहा है.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक सैन्य परेड में कहा, ‘‘वेनेजुएला के बोलिवेरियन गणराज्य की सरकार ने युवा स्नोडेन को मानवता के आधार पर शरण देने का फैसला किया है, जिससे कि वह विश्व में सबसे शक्तिशाली साम्राज्य के उत्पीड़न के बिना जिंदगी जी सके.’’
निकारागुआ के राष्ट्रपति डेनियल ओर्टेगा ने भी ऐसी ही इच्छा जाहिर की है. उन्होंने कहा, ‘‘यह साफ है कि अगर हालात इजाजत देते हैं, तो हम खुशी खुशी स्नोडेन का स्वागत करेंगे और निकारागुआ में उनको शरण देंगे.’’
