मंसूर बने मिस्र के अंतरिम राष्ट्रपति

।। मुस्लिम ब्रदरहुड के आंदोलन पर कार्रवाई।। काहिरा: मिस्र में लोकतांत्रिक रुप से निर्वाचित पहले राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को कुर्सी से अपदस्थ कर नजरबंद किये जाने के एक दिन बाद गुरुवार को न्यायाधीश अदली महमूद मंसूर को देश का अंतरिम राष्ट्राध्यक्ष बना दिया गया. दूसरी तरफ मुस्लिम ब्रदरहुड के आंदोलन के खिलाफ कार्रवाई शुरु की […]

।। मुस्लिम ब्रदरहुड के आंदोलन पर कार्रवाई।।
काहिरा: मिस्र में लोकतांत्रिक रुप से निर्वाचित पहले राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को कुर्सी से अपदस्थ कर नजरबंद किये जाने के एक दिन बाद गुरुवार को न्यायाधीश अदली महमूद मंसूर को देश का अंतरिम राष्ट्राध्यक्ष बना दिया गया. दूसरी तरफ मुस्लिम ब्रदरहुड के आंदोलन के खिलाफ कार्रवाई शुरु की गई है.

सेना ने मुस्लिम ब्रदरहुड के शीर्ष नेतृत्व की घेराबंदी कर रखी है. संगठन के सर्वोच्च नेता मोहम्मद बादी को मारसा मातरु के एक गांव से गिरफ्तार कर लिया गया है. खबरों में कहा गया है कि उन्हें सैन्य हेलीकॉप्टर से काहिरा लाया गया है.

ब्रदरहुड के मुख्यालय के बाहर आठ प्रदर्शनकारियों की हत्या के मामले में बादी और संगठन के उप नेता खैरात अल शतर से पूछताछ की जानी है. बादी का नाम ब्रदरहुड के 200 वांछित लोगों में शामिल है. यहां मुस्लिम ब्रदरहुड के मुर्सी को हटाए जाने के बाद नए राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत संवैधानिक अदालत के मुखिया न्यायाधीश मंसूर के अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने के साथ हुई.

मंसूर (67) ने एक समारोह में शपथ ली. सरकारी टीवी चैनल पर इस समारोह का प्रसारण किया गया. उन्होंने अपने संक्षिप्त भाषण में सेना, न्यायपालिका और पुलिस के योगदान की सराहना की. उन्होंने उन प्रदर्शनकारियों की भी सराहना की जिनके सड़कों पर उतरने के बाद सेना की ओर से मुर्सी को हटाने तथा संविधान को निलंबित करने का कदम उठाया गया.

मंसूर ने उन सभी युवाओं और क्रांतिकारियों को याद किया जिन्होंने ‘30 जून के गौरवशाली दिन’ में हिस्सा लिया. मंसूर ने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेते हुए कहा, ‘‘मैं गणराज्य की व्यवस्था के संरक्षण, संविधान एवं विधि के सम्मान तथा जनता के हितों की रक्षा की शपथ लेता हूं.’’

मिस्र के सेना प्रमुख जनरल अब्दुल फतह सिसी ने घोषणा की कि मंसूर नया नेता चुने जाने तक इस अरब देश के अंतरिम राष्ट्रपति होंगे. देश में मुर्सी को हटाने की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच सेना ने कल रात मुर्सी को अपदस्थ कर दिया था. मुर्सी ने करीब एक साल पहले पद संभाला था और वह लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने वाले पहले राष्ट्रपति थे.

मीडिया में आज आई खबरों में मुस्लिम ब्रदरहुड के दो वरिष्ठ सदस्यों के हवाले से कहा गया है कि 61 वर्षीय मुर्सी को उनके शीर्ष सहयोगियों के साथ एक सैन्य प्रतिष्ठान में रखा गया है. सेना ने भी मुर्सी की नजरबंदी की पुष्टि की है. मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता गेहाद अल हदाद ने कहा कि अपदस्थ राष्ट्रपति को काहिरा स्थित राष्ट्रपति रिपब्लिकन गार्ड मुख्यालय में ‘‘नजरबंद’’ रखा गया है.

उन्होंने बताया कि मुर्सी के कुछ करीबी सहयोगियों को भी नजरबंद रखा गया है. मिस्र की पुलिस ने कहा कि उसे मुर्सी की मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी के 300 नेताओं और सदस्यों को गिरफ्तार करने का आदेश मिला है. हुस्नी मुबारक के करीब तीन दशक के शासन के बाद 2012 में मुर्सी देश के पहले लोकतांत्रिक राष्ट्रपति चुने गए थे.

सेना द्वारा मुर्सी को अपदस्थ किए जाने की घोषणा के बाद उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़प में कम से कम 10 लोग मारे गए. इसके साथ ही इस्लामी नेता के खिलाफ रविवार से भड़के प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 50 हो गई है.

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