बीजिंग : चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने आज कहा कि उनकी हालिया भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच परस्पर विश्वास बढ़ा है और व्यावहारिक सहयोग बेहतर हुआ है. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सीमावार्ता मामलों के विशेष प्रतिनिधि शिवशंकर मेनन से भेंट के दौरान उन्होंने यह बातें कहीं. ली ने उत्तराखंड में हुए विनाश और बाढ़ से मची त्रसदी पर संवेदना और शोक व्यक्त किया साथ ही इस आपदा से निपटने के लिए सहायता की भी पेशकश की.
यहां वार्ता के लिए मेनन का स्वागत करते हुए ली ने कहा, ‘‘यदि भारतीय पक्ष को आवश्यकता हुई तो चीनी पक्ष अपनी क्षमता के भीतर सहायता मुहैया करना चाहेगा.’’ अपने पिछले महीने की भारत यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री बनने के बाद मैंने भारत को अपना पहला गंतव्य (विदेश यात्रा का) बनाया. यह स्वयं में दिखाता है कि रिश्ता कितना महत्वपूर्ण है.’’ उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा से दोनों देशों के बीच परस्पर विश्वास बढ़ा है और व्यावहारिक सहयोग बेहतर हुआ है.
ली की बातों के जवाब में मेनन ने कहा कि उनकी यात्रा का लक्ष्य ली की ऐतिहासिक भारत यात्रा से जन्मी संभावनाओं को बेहतर बनाना है. मेनन ने कहा कि हम उन संभावनाओं पर वर्तमान और भविष्य में बेहतर संबंधों को विकसित करने और भविष्य में भारत-चीन के संबंधों की संभावनाओं को तलाशना चाहते हैं. प्रधानमंत्री के अलावा मेनन ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी भेंट की. ली की भारत यात्रा के संबंध में वांग ने कहा कि वह बहुत सफल रही और उसने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने में प्रमुख भूमिका निभायी है.
