इस्लामाबादः पाकिस्तान ने पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेश मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह के उच्चस्तरीय मामले में मुकदमा करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है. प्रक्रिया के शुरु होने के दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पूर्व राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उठाए गए ‘असंवैधानिक कदम’ के खिलाफ मुकदमे को मंजूरी दी है.
शरीफ ने गृह मंत्रलय के सचिव को आदेश दिया है कि वह संघीय जांच एजेंसी के महानिदेशक से मुशर्रफ के तीन नवंबर 2007 के कदमों की शीघ्र जांच करें. मुशर्रफ ने इसी दिन संविधान को परे रखते हुए आपातकाल की घोषणा की थी और शीर्ष न्यायालयों के न्यायाधीशों को बर्खास्त कर दिया था.
69 वर्षीय मुशर्रफ देशद्रोह के मामले का सामना करने वाले पाकिस्तान के पहले सैन्य शासक होंगे. इस मामले में दोषी करार दिए जाने पर मुशर्रफ को उम्र कैद या मौत की सजा भी हो सकती है.‘डॉन’ अखबार की खबर के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में दिए गए लिखित जवाब में अटॉर्नी जनरल मुनीर मलिक ने मुशर्रफ के खिलाफ उनकी ‘असंवैधानिक गतिविधियों’ को लेकर शिकायत की प्रक्रिया के संबंध में संघीय सरकार की कार्रवाई का ब्यौरा दिया है.
न्यायमूर्ति जव्वाद एस ख्वाजा की अगुवाई वाली, सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने संघीय सरकार से पूछा है कि संविधान के अनुच्छेद 6 के तहत मुशर्रफ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए वह कौन से कदम उठाएगी.
