ब्रिटेन की नई वीजा बांड योजना की चौतरफा आलोचना

लंदन : विभन्न दलों के राजनेताओं तथा भारतीय उद्योग जगत ने ब्रिटेन सरकार की विवादास्पद प्रस्तावित नई वीजा बांड योजना की आलोचना करते हुए इसे अनुचित और भेदभावपूर्ण करार दिया है. प्रस्तावित योजना के तहत ‘उच्च जोखिम’ वाले देशों से यहां आने वाले आगंतुकों को छह महीने के वीजा के लिये 3,000 पौंड देने होंगे. […]

लंदन : विभन्न दलों के राजनेताओं तथा भारतीय उद्योग जगत ने ब्रिटेन सरकार की विवादास्पद प्रस्तावित नई वीजा बांड योजना की आलोचना करते हुए इसे अनुचित और भेदभावपूर्ण करार दिया है. प्रस्तावित योजना के तहत ‘उच्च जोखिम’ वाले देशों से यहां आने वाले आगंतुकों को छह महीने के वीजा के लिये 3,000 पौंड देने होंगे.

ब्रिटेन के गृह विभाग ने घोषणा की है कि पायलट योजना के तहत उच्च जोखिम वाले देशों से यहां आने वाले नागरिकों को छह महीने के यात्रा वीजा के लिये 3,000 पौंड का बांड भरना होगा. अगर वे निर्धारित समय से अधिक ब्रिटेन में रहते हैं तो उनकी राशि जब्त कर ली जाएगी. इन जोखिम वाले देशों में भारत, पाकिस्तान और नाइजीरिया समेत अफ्रो-एशियाई देश शामिल हैं.

ब्रिटिश सांसद कीथ वाज ने कहा कि इस योजना में कई खामियां हैं. योजना इस नवंबर से शुरु होने वाली है. उन्होंने कहा, ‘‘गृह मंत्री (थेरेसा मे) की कुछ देशों से यहां आने वाले नागरिकों के लिये बांड की योजना अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है.’’

‘‘एक तरफ जहां प्रधानमंत्री बेहतर प्रतिभा को ब्रिटेन लाने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस प्रकार की योजना बनायी जा रही है. इससे संबंधित देशों को गलत संदेश जाएगा.’’ लिबरल डेमोक्रेट्स के उपनेता लार्ड नवनीत ढोलकिया ने भी इस मुद्दे को हाउस आफ लॉर्डस में उठाया है. लिबरल डेमोक्रेट्स ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी की अगुवाई वाली सरकार की सहयोगी है.

भारत के प्रमुख उद्योग मंडल सीआईआई ने भी इसकी निंदा करते हुए कहा है कि इसका व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. साथ ही उच्च शिक्षा के लिये ब्रिटेन जाने वाले छात्रों तथा पर्यटकों की संख्या घटेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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