जदयू के साथ रिश्ता टूटा तो चुकानी पड़ सकती है कीमत

लंदन: भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने जदयू के राजग से संभावित रुप से अलग होने के मुद्दे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक कड़ा संदेश देते हुए आज कहा कि गठबंधन टूटने पर हो सकता है कि इसकी कीमत राज्य को चुकानी पड़े. जेटली ने ऑक्सफोर्ड यूनीवर्सिटी में भारत दिवस कार्यक्रम […]

लंदन: भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने जदयू के राजग से संभावित रुप से अलग होने के मुद्दे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक कड़ा संदेश देते हुए आज कहा कि गठबंधन टूटने पर हो सकता है कि इसकी कीमत राज्य को चुकानी पड़े.

जेटली ने ऑक्सफोर्ड यूनीवर्सिटी में भारत दिवस कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि बिहार गत कई वर्षों से बहुत बुरी स्थिति में था और मेरा मानना है कि गत सात-आठ वर्षों से चीजों में सुधार हुआ है. इसलिए यह राज्य के साथ ही सभी के हित में है कि बदलाव लाने में सफल हुए राजनीतिक और सामाजिक गठबंधन को बनाये रखा जाए.’’

उन्होंने कहा कि यदि हम इसे बनाये नहीं रख पाये तो मैं यही उम्मीद करता हूं कि बिहार को इसकी कीमत नहीं चुकाने पड़े.’’ जेटली ने इस मौके भारत के संसदीय लोकतंत्र के भविष्य की चर्चा करते हुए भारत में उभरने वाले तीसरे मोर्चें के खतरे को भी खारिज किया.

उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे मोर्चे का विचार विफल रहा है. इस पर भारत में कम से कम तीन या चार बार प्रयोग हुए और यह कुछ महीने से अधिक समय नहीं चल पाया. भारत शायद ही इस तरह की अस्थिरता बर्दाश्त कर सके.

जेटली ने कहा, ‘‘ऐसी राष्ट्रीय सरकार नहीं हो सकती जिसमें गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने वाली पार्टी के पास मात्र 25 या 30 सीटें हों. गठबंधन का नेतृत्व करने वाली पार्टी एक ऐसी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी होनी चाहिए जिसके पास 150-200 सीटें हों, तभी भारत में एक स्थिर गठबंधन हो सकता है.’’ उन्होंने भारत के संसदीय लोकतंत्र की कुछ समस्याओं के लिए भारतीय राजनीति की सामंती प्रकृति को भी जिम्मेदार ठहराया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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