अमेरिकी खुफिया योजना की कहानी हैं हेडली

वाशिंगटन : व्हाइट हाउस ने 26:11 हमलों के दोषी डेविड कोलमेन हेडली और अफगानी-अमेरिकी नाजिबुल्लाह जैजी की गिरफ्तारी और उनके आतंकी हमलों की कई योजनाएं रोक देने को खुफिया साइबर जासूसी की योजना की ‘सफलता की कहानियों’ के रुप में दर्ज किया है. यह खुफिया साइबर जासूसी अमेरिका द्वारा विदेशी आतंकियों पर नजर रखने के […]

वाशिंगटन : व्हाइट हाउस ने 26:11 हमलों के दोषी डेविड कोलमेन हेडली और अफगानी-अमेरिकी नाजिबुल्लाह जैजी की गिरफ्तारी और उनके आतंकी हमलों की कई योजनाएं रोक देने को खुफिया साइबर जासूसी की योजना की ‘सफलता की कहानियों’ के रुप में दर्ज किया है. यह खुफिया साइबर जासूसी अमेरिका द्वारा विदेशी आतंकियों पर नजर रखने के लिए की गई थी.

व्हाइट हाउस ने ऐसे कार्यक्रम को अपना समर्थन जारी रखते हुए तर्क दिया है कि इसके जरिए अमेरिका और दुनिया के कई अन्य हिस्सों में आतंकी योजनाएं विफल की जा सकी हैं.

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्ने ने संवाददाताओं को कल बताया, ‘‘एफबीआई और एनएसए समेत अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने हेडली के अलकायदा के साथ-साथ किसी अन्य विदेशी या घरेलू आतंकी संबंधों का पता लगाने के लिए एकसाथ मिलकर काम किया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘जैजी जब आतंकी हमले की योजना बनाने के लिए षडयंत्रकारियों से मिलने के लिए न्यूयॉर्क आया तो एफबीआई ने खोज निकाला. जैजी और उसके साथी षडयंत्रकारी गिरफ्तार कर लिए गए. अभियोग के दौरान जैजी को न्यूयॉर्क शहर की सबवे व्यवस्था में बम लगाने का षडयंत्र रचने का दोषी पाया गया.’’

इस विस्फोट की योजना को अमेरिकी धरती पर सितंबर हमले के बाद से अब तक का सबसे भयावह आतंकी हमला माना गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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