जोहानिसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद नीति के खिलाफ संघर्ष में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला पर इलाज का अच्छा असर हो रहा है. उन्हें फेफड़े में संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
94 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति मंडेला फेफड़े में संक्रमण के चलते छठे दिन भी प्रिटोरिया के मेडिक्लीनिक हार्ट हॉस्पिटल में भर्ती हैं. दक्षिण अफ्रीका के मंत्रिमंडल ने मंडेला के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. मंडेला को दिसंबर से चौथी बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
राष्ट्रपति जैकब जुमा ने कल संसद को बताया कि अफ्रीकी राष्ट्र के सबसे कद्दावर नेता के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. उन पर इलाज का असर हो रहा है. उसके एक दिन बाद कैबिनेट मंत्रियों ने एक बयान जारी करके यह कहते हुए मंडेला के जल्द स्वस्थ होने की कामना की कि उन्हें ‘‘इस बात की प्रसन्नता है कि उन पर इलाज का अच्छा असर हो रहा है.’’ जुमा ने कल संसद से कहा, ‘‘मैं यह बताते हुए खुश हूं कि मादिबा (मंडेला) के स्वास्थ्य में आज सुबह से सुधार हो रहा है. उनके स्वास्थ्य को लेकर कुछ मुश्किल भरे दिनों के बाद अब हम उनकी हालत में हो रहे सुधार को लेकर बहुत खुश हैं.मंडेला को दक्षिण अफ्रीका में ‘मादिबा’ के नाम से भी जाना जाता है.
मंडेला के परिवार ने अलग से जारी किए एक बयान में कहा है कि लोगों से मिले समर्थन से उन्हें बहुत हिम्मत मिली है.स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ह्यूटन स्थित मंडेला के घर के बाहर डेरा डाले हुए हैं जबकि कुछ अस्पताल के बाहर डेरा डाले हुए हैं.
मंडेला को काफी समय से फेफड़े में समस्या है, उस वक्त से जब वह रॉबेन द्वीप में राजनीतिक बंदी थे. 27 साल की कैद के दौरान उन्हें 1988 में क्षयरोग हो गया था.गत वर्ष दिसंबर में उन्हें एक बार फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया. उस वक्त वह फेफड़े के संक्रमण के इलाज और सजर्री के लिए 18 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे. वर्ष 1990 में जेल से रिहा होने के बाद अस्पताल में भर्ती रहने की यह उनकी सबसे लंबी अवधि थी.
मंडेला अगले महीने 95 वर्ष के हो जाएंगे. दक्षिण अफ्रीका में जुलाई 2010 में हुए फुटबॉल के विश्वकप फाइनल के बाद उन्हें सार्वजनिक रुप से नहीं देखा गया. वह दक्षिण अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति थे और उनका कार्यकाल 1994 से 1999 तक था. उन्हें 1993 में शांति का नोबेल पुरस्कार भी मिला था.
