न्यूयॉर्क:भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि व्यापार करने के लिए दक्षिण एशियाई देश लाभदायक जगह है. जल्दी ही व्यापार करने के लिहाज से आसान जगह भी होगा. वित्त मंत्रलय में संयुक्त सचिव मनोज जोशी ने यहां अमेरिकी निवेशकों के एक समूह से कहा, ‘कारोबार करने में सुगमता को लेकर विश्व बैंक की सूची में भारत 134वें स्थान पर है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह इसे कम-से-कम 50वें स्थान तक लाना चाहते हैं.’ बीएनवाइ मेलोन एंड बीएसइ द्वारा आयोजित निवेशक गोलमेज सम्मेलन में जोशी ने कहा कि भारत की रैंकिंग सुधारने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं. कहा, ‘भारत कारोबार करने के लिहाज से लाभदायक स्थान है. हालांकि, आसान जगह नहीं है. इसीलिए, सरकार ने कारोबार करने के लिहाज से आसान जगह बनाने को शीर्ष प्राथमिकता दी है.’ उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर कदम उठाये जा रहे हैं.
जोशी ने कहा कि सरकार को बुनियादी ढांचे पर निवेश बढ़ाने की भी जरूरत है, जिसके लिए सब्सिडी में कटौती तथा कई अन्य खर्च कम करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, ‘हमने विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआइ को उदार बनाने के लिए कदम उठाये हैं और विदेशी कंपनियों को हमारे बाजारों में सीधे भाग लेने की अनुमति देने के लिए वित्तीय बाजारों में कई बदलाव किये गये हैं. कॉरपोरेट बांड बाजार में सुधार भी सरकार के एजेंडे के ऊपर है.’
अमेरिकी कंपनियों भारत में सूचीबद्ध हों
भारत ने प्रस्तावित भारत डिपॉजिटरी रिसीट्स (एडीआर) के तहत अमेरिकी तथा विदेशी कंपनियों के भारतीय शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने की वकालत की. भारत निवेशक गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए डिपॉजिटरी रिसीट्स पर सरकारी समिति के चेयरमैन एमएस साहू ने कहा कि नयी व्यवस्था मौजूदा एडीआर की पूरक होगी.
एडीआर के तहत भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजारों में सूचीबद्ध होती हैं. नयी व्यवस्था में यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी उपाय किये जायेंगे कि इसका दुरुपयोग नहीं हो, निवेशकों के हितों की रक्षा हो. भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य साहू ने भारतीय बाजारों में सुधारों में अहम भूमिका निभायी है. उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था के लिए अनुकूल कर ढांचा बनाने की जरूरत है. साहू की अध्यक्षतावाली समिति ने ‘भारत डिपॉजिटरी रिसीट्स’ का प्रस्ताव किया है.
