लाहौर : क्रिकेट की दुनिया से राजनीति में आए इमरान खान ने दावा किया है कि पाकिस्तान में 11 मई को आम चुनाव के पहले पंजाब में एक चुनावी रैली के दौरान उनकी हत्या की साजिश रची गयी थी. खान ने कल यहां कहा, ‘‘ सरकार ने मुझे 11 मई को चुनावों के पहले सूचित किया था कि जी टी रोड पर एक चुनानी रैली में मेरी हत्या के लिए योजना बनायी गयी है.’’ खान अपने निवास पर पत्रकारों के एक समूह से बातचीत कर रहे थे.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इस साजिश के बारे में और ब्यौरा नहीं दिया. उन्होंने उन लोगों की पहचान भी नहीं बतायी कि इसके पीछे कौन लोग थे. 60 वर्षीय इमरान सात मई को लाहौर में एक चुनावी सभा में गिरने से घायल हो गए थे और वह अब तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो सके हैं. डाक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है और खान इन दिनों घर पर ही रह रहे हैं. उन्होंने अभी तक संसद की सदस्यता की शपथ भी नहीं ली है.
स्वतंत्र न्यायपालिका के मुखर समर्थक खान ने कहा कि हालिया चुनाव में न्यायपालिका और चुनाव आयोग की भूमिका से उन्हें निराशा हुयी है. खान ने कहा कि अगर आम चुनाव के नतीजों के संबंध में उनकी पार्टी की आपत्तियों को अधिकारियों द्वारा दूर नहीं किया जाता है तो उनकी पार्टी अगस्त में ईद-उल-फितर के बाद देशव्यापी आंदोलन शुरु करेगी.
उन्होंने कहा कि मतदान के दिन हुयी गड़बड़ियों की पारदर्शी तरीके से जांच नहीं करायी गयी तो हम ईद के बाद सड़कों पर उतर कर विशाल प्रदर्शन करेंगे. खान ने कहा कि चुनावी मैच में अंपायर निष्पक्ष नहीं रहे और पक्षपाती हो गए. चुनावों के पहले खान ने दावा किया था कि उनकी पार्टी बेहतरीन प्रदर्शन करेगी और वह प्रधानमंत्री बनेंगे. हालांकि उनकी पार्टी को 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में तीन दर्जन से भी कम सीटें मिलीं.
