बगदाद : दुनिया की प्रमुख ताकतों के अपने अनुदान में कटौती, कुर्द लड़ाकों को हथियारबंद करने तथा विस्थापितों की मदद के प्रयास तेज करने के साथ ही इराक के उत्तरी इलाके में एक गांव में नरसंहार की खबर आयी है. अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि कोचो गांव पर दौलतुल इसलामिया (इसलामिक स्टेट) के हमले में जिंदा बचे यजीदी लोगों ने उन्हें बताया कि आइएस ने 80 से ज्यादा यजीदियों की हत्या कर दी.
वरिष्ठ अधिकारी होशयार जेबारी ने बताया, ह्यजेहादियों ने लोगों के खिलाफ नरसंहार को अंजाम दिया है. करीब 80 लोग मारे गये हैं.ह्ण दोहुक प्रांत में एक कुर्द अधिकारी ने भी मारे गये लोगों की संख्या 80 बतायी है. हालांकि, एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि उसने गांवों में बड़ी संख्या में शव देखे हैं. जेबारी ने कहा कि जेहादियों ने स्थानीय निवासियों से बदला लिया है.
एक सांसद और सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, हमला शुक्रवार अपराह्न हुआ. दोनों का कहना है कि उन्हें हमले में जिंदा बचे यजीदी लोगों ने यह जानकारी दी. यजीदी सांसद महमा खलील ने बताया कि आइएस ने कई दिनों से गांव की घेरेबंदी कर रखी थी और यजीदी निवासियों को समयसीमा दी थी कि वे इसलाम कबूल कर लें. इनकार करने पर कत्ल-ए-आम शुरू हो गया.
* इराक में स्तर-3 आपात
इधर, कुर्द सुरक्षा बलों के प्रवक्ता हलगुर्द हिकमत ने कहा कि आइएस उग्रवादियों ने कोचो की महिलाओं और बच्चों को पकड़ लिया. उन्हें तल अफार शहर ले गये. इसी माह आइएस समूह ने सीरियाई सीमा से लगे शिंजर शहर पर कब्जा कर लिया. इसके बाद हजारों यजीदी वहां से भाग गये. यजीदी एक प्राचीन धर्म का पालन करते हैं, जिसे आइएस बिदअत या विधर्म मानता है. संयुक्त राष्ट्र ने इराक के हालात को स्तर-3 आपात करार दिया है.
