मंडेला ‘गंभीर’, अस्पताल में भरती

जोहानिसबर्गः रंगभेद विरोधी मुहिम के प्रणोता एवं दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण की समस्या फिर से हो जाने पर शुक्रवार देर रात अस्पताल में भरती कराया गया, जिसके बाद से उनकी हालत ‘गंभीर लेकिन स्थिर’ बनी हुई है. मंडेला को फेफड़ों में फिर से संक्रमण की समस्या हो गयी […]

जोहानिसबर्गः रंगभेद विरोधी मुहिम के प्रणोता एवं दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण की समस्या फिर से हो जाने पर शुक्रवार देर रात अस्पताल में भरती कराया गया, जिसके बाद से उनकी हालत ‘गंभीर लेकिन स्थिर’ बनी हुई है. मंडेला को फेफड़ों में फिर से संक्रमण की समस्या हो गयी है. उन्हें पिछले सात महीनों में तीसरी बार यह समस्या हुई है.

दूसरी बार हुई समस्या
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 94 वर्षीय मंडेला को प्रिटोरिया के एक अस्पताल में फेफड़ों में संक्रमण के कारण नौ दिनों तक इलाज के बाद छह अप्रैल को छुट्टी दी गयी थी जिसके बाद वह अपने घर में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे. राष्ट्रपति जैकब जूमा के प्रवक्ता मैक महाराज ने कहा, ‘ मंडेला की हालत बीती रात करीब डेढ़ बजे बिगड़ गयी और उन्हें प्रिटोरिया के अस्पताल ले जाया गया.’ उन्होंने कहा, ‘मंडेला की स्थिति गंभीर और चिंताजनक है.’ महाराज ने कहा कि चिकित्सक मंडेला के स्वास्थ्य में सुधार के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के फेफड़ों में फिर से संक्रमण हो गया है. प्रवक्ता ने साथ ही कहा, ‘राष्ट्रपति जूमा सरकार और राष्ट्र की ओर से मंडेला के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार की कामना करते हैं.’
निजता का सम्मान करें
मंडेला का स्वास्थ्य बिगड़ने की खबर मिलते ही स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने शहर आना शुरू कर दिया है, जिसके मद्देनजर महाराज ने मीडिया और लोगों से मंडेला और उनके परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की. मंडेला गत वर्ष दिसंबर में भी फेफड़ों में संक्रमण की समस्या से पीड़ित हुए थे जिसके लिए 18 दिन तक उनका इलाज चला था और पित्त की पथरी हटाने के लिए उनका ऑपरेशन भी हुआ था. इस दौरान मंडेला 27 वर्षों तक कारावास ङोल कर 1990 में जेल से रिहा होने के बाद सर्वाधिक लंबे समय तक अस्पताल में रहे. मंडेला को आखिरी बार जुलाई 2010 में जोहानिसबर्ग में फीफा विश्वकप के दौरान सार्वजनिक तौर पर देखा गया था. मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति हैं. वह 1994 से 1999 तक देश के राष्ट्रपति रहे. उन्हें रंगभेद की नीति के खिलाफ और लोकतंत्र के लिए संघर्ष का नेतृत्व करने के कारण राष्ट्रपिता माना जाता है.

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