व्हाइट हाउस ने किया फोन रिकॉर्डों का बचाव

वाशिंगटन : लाखों अमेरिकियों के टेलीफोन रिकार्ड को आनलाइन एकत्र करने के कदम का बचाव करते हुए ओबामा प्रशासन ने कहा कि ऐसा देश को आतंकवादी खतरे से बचाने के प्रयासों के अंग के तहत किया गया. राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जेम्स आर क्लेपर ने आज कहा, ‘‘एकत्र की गयी सूचनाएं आतंकवादी खतरों से अमेरिका को […]

वाशिंगटन : लाखों अमेरिकियों के टेलीफोन रिकार्ड को आनलाइन एकत्र करने के कदम का बचाव करते हुए ओबामा प्रशासन ने कहा कि ऐसा देश को आतंकवादी खतरे से बचाने के प्रयासों के अंग के तहत किया गया. राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जेम्स आर क्लेपर ने आज कहा, ‘‘एकत्र की गयी सूचनाएं आतंकवादी खतरों से अमेरिका को बचाने की समग्र नीति का अंग हैं.’’

क्लेपर ने एक बयान में कहा कि रिकार्डिंग से ‘‘आतंकवाद निरोधक कर्मियों को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि क्या ज्ञात या संदिग्ध आतंकवादी ऐसे अन्य व्यक्तियों के संपर्क में हैं जो आतंकी गतिविधियों में संलग्न हैं.’’क्लेपर का यह बयान कई मीडिया खबरों की प्रतिक्रिया में आया है. वाशिंगटन पोस्ट और गार्डियन ने कहा है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां सुरक्षा खतरों की तलाश में गुगल, फेसबुक और एपल जैसी कंपनियों से विदेशी लोगों के बारे में खुफिया सूचनाएं ले रहे हैं. न्यूयार्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में कहा, ‘‘हम इस ताकत का इस्तेमाल इस तरीके से करने पर कड़ी आपत्ति जताते हैं.’’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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