रांची. आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कहा है कि सूखे पर राज्य सरकार जनता से खोखले वादे करने के बजाये तत्काल राहत पहुंचाये. राज्य के विभिन्न जिलों के दौरे के क्रम में देखा कि सूखे की हालत गंभीर है. किसान हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. खेतिहर मजदूर काम की तलाश में तेजी से पलायन कर रहे हैं, किसानों और मजदूरों के बीच विश्वास पैदा करने में सरकार विफल रही है. वैकल्पिक खेती के लिए अब तक बीज नहीं खरीदे जा सके हैं. हमारी पार्टी ने पहले ही सूखे से निबटने के लिए सरकार से श्वेत पत्र जारी करने को कहा है. केंद्र सरकार से भी सहायता प्राप्त करने के प्रयास तेज करने चाहिए. श्री महतो ने कहा कि अब तक राज्य के अधिकतर जिलों में पांच से पंद्रह फीसदी तक ही रोपाई की जा सकी है. बिचड़े पीले पड़ चुके हैं. वैसे भी अनाज उत्पादन के क्षेत्र में राज्य आत्मनिर्भर नहीं है. सूखे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री की आलाधिकारियों के साथ बैठक के 10 दिन होने को हैं, लेकिन राहत के नाम पर क्या कदम उठाये गये हैं इसकी जानकारी कोई नहीं दे रहा. श्री महतो ने कहा कि सरकार की तरफ से यह जोर दिया जा रहा है कि मनरेगा में रोजगार के अवसर बढ़ाये जायेंगे दूसरी ओर मनरेगा के लेबर बजट में भारी कटौती का रोना रोया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा कानून की मियाद खत्म हो गयी, परंतु झारखंड में यह लागू ही नहीं हो सका.
सूखा पर ठोस कदम उठाये सरकार: सुदेश
रांची. आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कहा है कि सूखे पर राज्य सरकार जनता से खोखले वादे करने के बजाये तत्काल राहत पहुंचाये. राज्य के विभिन्न जिलों के दौरे के क्रम में देखा कि सूखे की हालत गंभीर है. किसान हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. […]
