गाजा/यरुशलम:इस्राइल और हमास के पीछे ना हटने के से गाजा में बुधवार को भी खूनखराबा होता रहा. पखवाड़े भर से चल रही लड़ाई ने अभी तक करीब 650 फिलस्तीनियों और 31 इस्राइली नागरिकों की जान ली है. अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी की ओर से यरुशलम में संघर्षविराम कारने की कोशिशों के बाद भी खून खराबा जारी है.
हमास के नियंत्रणवाले गाजा पट्टी से दागा गया रॉकेट बुधवार को इस्राइल के तेल अवीव स्थित सबसे बड़े हवाई अड्डे बेन-गुरिओन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास गिरा. इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बहुत सी अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों ने इस्राइल के लिए उड़ानों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है.
केरी का मुलाकातों का सिलसिला जारी, नतीजा सिफर
विमानों की सुरक्षा के संबंध में अमेरिकी चेतावनी के बावजूद केरी काहिरा से तेल अवीव पहुंचे. यरुशलम में संघर्षविराम को लेकर गहन वार्ता की. उन्होंने यूएन महासचिव बान की-मून से भी भेंट की. केरी ने कहा,‘हम निलश्चित तौर पर कुछ कदम आगे बढ़े हैं, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना है.’ केरी ने तूफानी दौरे पर इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और फिलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भेंट की.
‘‘हम जितनी जल्दी संभव हो, संघर्षविराम लागू के लिए पूरी ताकत के साथ जुट गये हैं, लेकिन हमें अभी भी कुछ काम करना बाकी है. हमारे पास इंतजार करने और गंवाने के लिए ज्यादा वक्त नहीं है.
बान की मून, महासचिव, संयुक्त राष्ट्र संघ
‘‘गाजा पट्टी में इस्राइली सेना की कार्रवाई युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है. हमास की ओर से बिना सोचे-समझे किये जा रहे हमले भी निंदनीय हैं. नवी पिल्लै, प्रमुख, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार, जिनिवा
