बैंकॉक : एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते आक्रामक रवैये की पृष्ठभूमि में भारत ने आज कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन करता है तथा किसी भी विवाद या मतभेद का समाधान कूटनीति ढंग से होना चाहिए.
अपने एक दिवसीय थाईलैंड दौरे पर पहुंचे रक्षा मंत्री एके एंटनी ने रक्षा उत्पाद के क्षेत्र में बैंकॉक के साथ सहयोग का प्रस्ताव भी दिया. एंटनी ने थाई समकक्ष एयर चीफ मार्शल सुकुमपोल सुवानतात के साथ बातचीत में कहा, ‘‘हमारा व्यापार समुद्री रास्ते पर निर्भर है. ऐसे में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता हमारी आर्थिक एवं संपूर्ण सुरक्षा के लिए निर्णायक हैं. भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार नौवहन की स्वतंत्र का समर्थन करता है.’’
शांति एवं स्थिरता को क्षेत्र के सभी देशों के हित में करार देते हुए एंटनी ने कहा, ‘‘हम संवाद की प्रक्रिया एवं संबंधित पक्षों के बीच सहमति के जरिए मतभेदों तथा विवादों के समाधान का समर्थन करते हैं.’’उन्होंने कहा, ‘‘सभी देशों को संयंम बरतना चाहिए और मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार कूटनीतिक ढंग से हल करना चाहिए.’’
