मेलबर्न : गर्भवती केट मिडल्टन का उपचार करने वाले ब्रिटेन के अस्पताल को फर्जी कॉल करने के मामले में संलिप्त रहे दो ऑस्ट्रेलियाई रेडियो जॉकी में से एक महिला जॉकी ने कहा है कि उस काल का प्रसारण नहीं किया जाना चाहिए था जिसकी वजह से शायद अस्पताल की भारतीय मूल की नर्स को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पडा. उसने कहा कि वह इस घटना के बाद से अवसादग्रस्त हो गई थी और खुद पर शर्मिंदा थी.
चैनल सेवन के साथ कल रात प्रसारित होने वाले एक साक्षात्कार में भरे गले और नम आंखों से डीजे मैल ग्रेग ने कहा, मैं फिर कभी उसे (फर्जी कॉल की रिकार्डिंग) नहीं सुनना चाहती क्योंकि मुझे खुद पर शर्म आती है. मुझे इस बात की पूरी कोशिश करनी चाहिए थी कि इस काल का कभी प्रसारण नहीं हो. मेल ग्रेग ने कहा, आप ऐसी मैल से मिल रहे हैं जिसमें आत्मविश्वास नहीं है. मैल जो अपनी जिंदगी में बहुत कुछ खो चुकी है. यह मैल अवसादग्रस्त है.
वर्ष 2012 में 2 डे एफएम की डीजे ग्रेग और माइकल क्रिस्टियन द्वारा खुद को शाही परिवार का बताकर फोन किये जाने की घटना के बाद भारतीय मूल की नर्स जेसिंथा सल्दान्हा मृत पायी गयी थी. दोनों ने अपने आपको फोन पर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस चार्ल्स बताया था.
ग्रेग ने कहा कि वह अस्पताल के दोनों नर्सों की आवाज को गुप्त रखना चाहती थी लेकिन शीर्ष अधिकारी ने ऐसा करने से इंकार कर दिया. सल्दान्हा एक नोट छोड़ गयी थी जिसमें डीजे को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया था. ग्रेग ने कहा कि वह अवसादग्रस्त हो गयी. उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिली.
