इस्लामाबाद: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आज कहा कि वे इस वर्ष के अंत में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी पेश नहीं करेंगे क्योंकि अब उनके राजनीतिक दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को देश की संसद के उपरी और निचली सदन में बहुमत प्राप्त नहीं है. देश में 11 मई को हुए ऐतिहासिक मतदान में पीपीपी बुरी तरह हार गई थी.
जरदारी ने कहा कि उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद सितंबर में होने वाले अगले राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने का अब उनका अधिकार नहीं है. सितंबर 2008 में जब जरदारी (57) राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे तो केंद्र सहित बलुचिस्तान, खैबर-पख्तूनख्वा और सिंध प्रांतों में पीपीपी और उसके सहयोगी दलों की सरकार थी. पीपीपी फिलहाल सिर्फ सिंध प्रांत में सत्ता में है और संसद के उपरी सदन या सीनेट में उसे बहुमत प्राप्त है. उसके पास जरदारी को फिर से राष्ट्रपति बनाने के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है. वर्ष 2007 में पत्नी बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद जरदारी पीपीपी के प्रमुख बने.
