सावधान ! मोटे बच्चों में अगर हैं हाइ बीपी, तो हार्ट, न्यूरो, किडनी व अन्य बीमारियों का हो सकता हैं खतरा

एक स्टडी के मुताबिक मोटापे के शिकार करीब 24 फीसदी स्कूली बच्चों में हाइ बीपी का खतरा पाया गया है. सौ में से 18 स्कूली लड़कों और लड़कियों में तो हाइ बीपी की समस्या भी पायी गयी. मैक्स अस्पताल द्वारा की गयी इस स्टडी में एक हजार बच्चे शामिल किये गये थे. स्टडी से यह […]

एक स्टडी के मुताबिक मोटापे के शिकार करीब 24 फीसदी स्कूली बच्चों में हाइ बीपी का खतरा पाया गया है. सौ में से 18 स्कूली लड़कों और लड़कियों में तो हाइ बीपी की समस्या भी पायी गयी. मैक्स अस्पताल द्वारा की गयी इस स्टडी में एक हजार बच्चे शामिल किये गये थे.

स्टडी से यह भी पता चलता है कि हाइपरटेंशन यानी हाइ बीपी किसी को किसी भी उम्र में हो सकती है. स्टडी में पाया गया कि जो बच्चे मोटे हैं, उनमें यह बीमारी ज्यादा है. स्टडी में शामिल बच्चों के अभिभावकों ने यह स्वीकार किया कि उनके बच्चे का ब्लड प्रेशन ऊपर-नीचे जाता रहता है.

डॉक्टरों के मुताबिक मोटापा एक अलग रोग है, लेकिन इसके साथ अगर बच्चे को हाइ बीपी भी हो जाये तो अधिक चिंता की बात है, क्योंकि कम उम्र में इसे कंट्रोल करना आसान नहीं. हाइ बीपी की वजह से हार्ट, न्यूरो, किडनी व अन्य दूसरी बीमारियों का भी खतरा रहता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >