VIDEO: झारखंड के कोडरमा में फूड प्वाइजनिंग, 70 से अधिक बीमार, सभी खतरे से बाहर

कोडरमा डीसी मेघा भारद्वाज ने ड्यूटी से नदारद चिकित्सक को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि फूड प्वाइजनिंग से बीमार सभी लोग अब खतरे से बाहर हैं. जब तक लोग पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते तब तक अस्पताल में ही इलाज का निर्देश दिया गया है.

झारखंड के कोडरमा जिले के सदर प्रखंड के बलरोटांड़ और गोसाईंटोला में शनिवार को चाट व गुपचुप खाने से 70 से अधिक लोग बीमार हो गए. इनमें अधिकतर महिलाएं व बच्चे शामिल हैं. सभी खतरे से बाहर हैं. बीमार लोग जब इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे, तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर गायब थे. ऐसे में लोगों ने हंगामा किया. बाद में वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सभी का इलाज शुरू किया गया. बीमार सभी लोगों की स्थिति खतरे से बाहर है. हालांकि, डीसी मेघा भारद्वाज ने सभी के पूरी तरह स्वस्थ हो जाने के बाद ही छुट्टी देने की बात कही है. बताया जाता है कि सभी लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए हैं. घटना की जानकारी मिलते ही डीसी मेघा भारद्वाज, एसपी अनुदीप सिंह, डीडीसी ऋतुराज, एसडीओ संदीप कुमार मीणा, सीएस डॉ अनिल कुमार व अन्य पदाधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और बीमार लोगों का हालचाल जाना. इसके साथ ही मौजूद चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए. डीसी मेघा भारद्वाज ने ड्यूटी से नदारद पाए गए चिकित्सक को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के क्रम में कहा कि फूड प्वाइजनिंग से बीमार हुए सभी लोग अब खतरे से बाहर हैं. जब तक वे लोग पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते तब तक अस्पताल में ही रख कर बेहतर इलाज करने का निर्देश दिया गया है.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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