काशी में अनोखी पहल, प्रवासी मजदूरों के बच्चों के लिए खास स्कूल, मैसेज- पढ़ेंगे तो पूरे होंगे सारे सपने

चौबेपुर राजवारी स्थित एक ईंट भट्ठे पर प्रवासी मजदूरों के बच्चों के लिए सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट ने एक शिक्षण केंद्र का संचालन शुरू किया है.

Varanasi News: आशा ट्रस्ट ने प्रवासी मजदूरों के बच्चों के लिए ईंट-भट्ठे पर शिक्षा केंद्र प्रारंभ किया है. चौबेपुर राजवारी स्थित एक ईंट भट्ठे पर प्रवासी मजदूरों के बच्चों के लिए सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट ने एक शिक्षण केंद्र का संचालन शुरू किया है. बिहार, झारखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रवासी मजदूरों के बच्चों के लिए स्कूली शिक्षा देने का शुभारंभ किया गया है.

आशा ट्रस्ट संस्था ऐसे बच्चों के उज्जवल भविष्य का ध्यान रखते हुए अस्थायी अनौपचारिक शिक्षा केंद्र का संचालन कर रही है, जिसमें ईंट भट्ठा संचालक का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. ऐसे बच्चों के माता-पिता अधिकांश समय ईंट-भट्ठों पर मजदूरी करने की वजह से अपने बच्चों को स्कूली शिक्षा से वंचित रखते हैं.

ऐसे में बच्चे शिक्षा से मरहूम रहते हैं. संस्था बच्चों के गर्म कपड़े और किताब-कॉपी की व्यवस्था करते हुए उनके शिक्षा का प्रबंध कर रही है. इसके अलावा गीत-संगीत, खेलकूद के माध्यम से रूचिकर ढंग से शिक्षण का कार्य संस्था के रमेश प्रसाद देख रहे हैं, उन्हें जिन्हें दीन दयाल सिंह, सूरज पांडेय का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है.

आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पांडेय ने बताया कि हमारा यह प्रयोग सफल रहा तो आगामी सत्र में आस पास के कुछ अन्य ईंट भट्ठों पर शिक्षा केंद्र संचालित किए जाने पर विचार किया जाएगा.

(रिपोर्ट:- विपिन सिंह, वाराणसी)

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